कोटा: मां-बेटी की हत्या मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने दोहरे हत्याकांड में शामिल मस्तराम के दुसरे साथी लोकेश को भी गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही बदमाशों के घर से लूट के 21 लाख रूपये और 15 किलो जेवरात से भरा बैग बरामद कर लिया है.

कोटा: मां-बेटी की हत्या मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने दोहरे हत्याकांड के दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

कोटा/ केके शर्मा: राजस्थान के कोटा में कुछ दिन पहले सामने आए डबल मर्डर केस में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस द्वारा घटना को अंजाम देने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. बता दें, कोटा के स्टेशन इलाके में 1 फरवरी को मां-बेटी की हत्या का मामला सामने आया था. यहां कुछ बदमाशों ने देर शाम मां और बेटी की सरिया मार कर निर्मम हत्या कर दी थी. जिसके बाद पुलिस ने मामले के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. 

जानकारी के मुताबिक हत्या का मुख्य आरोपी पहले ढाई महीने तक घर पर नौकर रह चुका था. घटना के समय ज्वैलर राजेन्द्र विजय अपनी दुकान पर थे और उनके पिता चांदमल अपने नित्य दिनचर्या के अनुसार मंदिर गए थे. तभी बदमाश मस्तराम और उसके साथी लोकेश ने मौका देखकर घर में प्रवेश कर जमकर उत्पात मचाया. अंदर जाते ही पहले उसने गायत्री से सेठ जी के लिए पूछा और तभी सरिये से गायत्री पर ताबड़तोड़ वार कर दिया जिससे गायत्री लहूलुहान होकर फर्श पर गिर गई.

पास ही कमरे में बैठी पलक ने जब आवाज सुनी तो वो वहां पहुंची तो बदमाशो ने उसे भी सरिये के वार से मौत के घाट उतार दिया. सरिये से किए गए वार इतने जबरदस्त थे की गायत्री और पलक की मौके पर ही मौत हो गई और दोनों मां बेटियों को लहूलुहान हालत में पटक कर दोनों बदमाशों मस्तराम और लोकेश ने घर की अलमारी में रखे 37 लाख रूपये और 15 किलो जेवरात लूट लिए और बाइक से फरार हो गए.

पुलिस से बचने के लिए बदमाशों ने पहले रूपये और ज्वेलरी का बैग अपने घर पर छिपाया और फिर बस से जयपुर घूमने निकल गए. बदमाश मस्तराम घटना के बाद अपने पुराने सेठ राजेन्द्र के घर मातम पर शोक व्यक्त करने भी पहुंचा था. जहां पुलिस को उसके हाव भाव पर शक हुआ तो उसे पुलिस थाने बुलवाकर पूछताछ की गयी  और वो कुछ देर में ही टूट गया और उसने पुलिस को सब बता दिया.  

पुलिस ने दोहरे हत्याकांड में शामिल मस्तराम के दुसरे साथी लोकेश को भी गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही बदमाशों के घर से लूट के 21 लाख रूपये और 15 किलो जेवरात से भरा बैग बरामद कर लिया है. पत्रकार वार्ता में दोहरे हत्याकांड की पूरी घटना का खुलासा करते हुए कोटा रेंज आईजी बिपिन कुमार पाण्डेय ने बताया, इस घटना का खुलासा करने में भीमगंजमंडी थाना पुलिस के कॉन्स्टेबल शिवराज की अहम भूमिका रही. उसने आरोपियों का सबसे अहम सुराग दिया जिसके लिए डीजीपी ने कांस्टेबल को विशेष सम्मान दिलाने की घोषणा भी की है. पुलिस की 10 से ज्यादा टीमे इस मामले पर दिन रात काम कर रहीं थी. जिसमे 3 आईपीएस, 5 आरपीएस सहित दर्जनों पुलिस के अधिकारी शामिल थे. लगभग 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे, 300 लोगों से पूछताछ कर क्लू जुटाया गया और तब 96 घंटे के भीतर गायत्री और पलक की निर्मम हत्या की पूरी कहानी का खुलासा कोटा पुलिस द्वारा किया गया है.