Kota: हार्डकोर बदमाश हजरत अली उर्फ गुड्डू को जेल, Rajpasa Act के तहत कार्रवाई

आरोपी हजरत उर्फ गुड्डू ने वर्ष 1996 में 14 साल की उम्र में पहली वारदात को अंजाम दिया था, जिसके बाद कई अपराध कर वह अपराध की दुनिया में बड़ा नाम बन गया.

Kota: हार्डकोर बदमाश हजरत अली उर्फ गुड्डू को जेल, Rajpasa Act के तहत कार्रवाई
हिस्ट्रीशीटर ने पूरे हाड़ोती में खौफ पैदा कर रखा था.

Kota: कोटा-हाड़ौती में खौफ का पर्याय बन चुके कुख्यात अपराधी और हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर हजरत (Hajrat) उर्फ गुड्डू (Guddu) को खिलाफ राजपासा (Rajpasa Act) के तहत कार्रवाई कर जेल भेज गिया गया है.

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हिस्ट्रीशीटर हजरत उर्फ गुड्डू पिछले ढाई दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय है, और अब तक कोटा शहर ही नहीं बल्कि कई राज्यों के विभिन्न थानों में 43 प्रकरण दर्ज हैं.

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कोटा के पुलिस-प्रशासन ने एक कड़ा और बड़ा एक्शन लेते हुए इस हिस्ट्रीशीटर अपराधी को राजस्थान समाजविरोधी क्रियाकलाप निवारण (Rajasthan anti-social activities Prevention) अधिनियम 2006 की धारा-3 के तहत 1 साल के लिये निरुद्व करवा दिया है. आरोपी हजरत उर्फ गुड्डू ने वर्ष 1996 में 14 साल की उम्र में पहली वारदात को अंजाम दिया था, जिसके बाद कई अपराध कर वह अपराध की दुनिया में बड़ा नाम बन गया.

1996 से अब तक है अपराध की दुनिया मे सक्रिय
हिस्ट्रीशीटर हजरत अली उर्फ गुड्डू पिछले ढाई दशक से अपराध की दुनिया में आतंक का पर्याय बना हुआ है. हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ अब तक कोटा शहर ही नहीं बल्कि मुम्बई सहित अन्य राज्यों के विभिन्न थानों में हत्या, दुष्कर्म, डकैती, अवैध हथियार, अवैध शराब समेत विभिन्न संगीन धाराओं में 43 मामले दर्ज है. गुड्डू पर कोटा शहर, कोटा, ग्रामीण बारां, बूंदी, झालावाड़, चित्तौड़गढ़ तक इस हॉर्डकोर क्रिमिनल का खौफ इस कदर फैला हुआ था कि इसके खिलाफ गवाही देने तक से लोग पीछे हट जाते थे.

दहशत के चलते गवाही नहीं देते थे लोग
हिस्ट्रीशीटर ने पूरे हाड़ोती में खौफ पैदा कर रखा था. इसी दहशत के सहारे अपने खिलाफ दर्ज कुल 43 में से 19 प्रकरण में तो गुड्डू बरी भी हो गया था. इस बीच गुड्डू ने पुलिस दल से लेकर जेल कर्मियों तक पर हमले बोलने शुरु कर दिये. उसकी आपराधिक गतिविधियां काबू नहीं हो पा रही थी. आपराधिक गतिविधियों को समाज के लिये खतरा मानते हुए राजस्थान पासा के तहत एक्शन लिया गया और अब इस हॉर्डकोर क्रिमिनल को मई 2022 तक सलाखों के पीछे रहना होगा.

इन गम्भीर वारदातों को दिया था अंजाम
इस मामले में पूरे 1 साल आरोपी हजरत उर्फ गुड्डू को जेल में ही रहना होगा. हजरत उर्फ गुड्डू ने बारां जिले के मोठपुर में बैंक के कैशियर की गोली मारकर हत्या कर दी थी. वहीं, बैंक मैनेजर पर भी पिस्टल से कई गोलियां दागी थीं. आरोपी रुपयों से भरा सूटकेस और सोने की चेन लूट कर भाग गया था, इसके बाद गुमानपुरा पुलिस जब इसको बूंदी में पकड़ने गई थी तो इसने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी. जेल में बंद रहने के दौरान भी हजरत ने जेल कर्मियों से मारपीट की थी जबकि मुंबई में हाल ही में भी एक युवक का अपहरण कर धमकाकर वारदात को अंजाम दिया था. अब 31 मई 2022 तक हजरत उर्फ गुड्डू को जेल में ही रखा जाएगा.

Reporter- KK Sharma