Kota Lok Sabha Election Results 2024: कोटा से ओम बिरला इस बार क्या करेंगे जीत की हैट्रिक? प्रहलाद गुंजल को दे सकते हैं कड़ी टक्कर
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Kota Lok Sabha Election Results 2024: कोटा से ओम बिरला इस बार क्या करेंगे जीत की हैट्रिक? प्रहलाद गुंजल को दे सकते हैं कड़ी टक्कर

Kota Lok Sabha Chunav Result 2024 Rajasthan: कोटा लोकसभा सीट पर चुनाव के नतीजे 4 जून को आएंगे. कोटा से ओम बिरला क्या इस बार जीत की हैट्रिक करेंगे या उनको प्रहलाद गुंजल से कड़ी चुनौती मिलेगी.

 

Kota Lok Sabha Election Results 2024

Kota Lok Sabha Election Results 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे 4 जून को सभी के सामने होंगे. कोटा-बूंदी लोकसभा सीट की बात करें तो बीजेपी ने इस सीट पर ओम बिरला (Om Birla) को प्रत्याशी घोषित किया है. वहीं कांग्रेस ने बीजेपी से कांग्रेस में शामिल हुए प्रहलाद गुंजल (Prahlad Gunjal)को प्रत्याशी घोषित किया है.

2019 लोकसभा चुनाव की बात करें तो बीजेपी के ओम बिरला को 8,00,051 वोट मिले थे और उनकी जीत हुई थी. इसके अलावा कांग्रेस के रामनारायण मीना को 5,20,374 वोट मिले थे.

कौन हैं ओम बिरला

ओम बिरला तीन बार कोटा से विधायक रह चुके हैं. ओम बिरला 2014 में 16वीं लोकसभा के चुनाव में पहली बार सांसद बने. 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी दोबारा जीत हुई और वह इसी सीट से दोबारा सांसद बने.फिलहाल वह लोकसभा के अध्यक्ष हैं.

2003,  2008 और 2013 में ओम बिरलाकोटा से ही विधायक बने.

ओम बिरला को कई समितियों में 2014 की लोकसभा में जगह मिली थी. 

ओम बिरला प्राक्कलन समिति, याचिका समिति, ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति, सलाहकार समिति के सदस्य रहे.

ओम बिरला  1992 से 1995 के बीच राष्ट्रीय सहकारी संघ लिमिटेड के उपाध्यक्ष रह चुके हैं.

कौन हैं प्रहलाद गुंजल

प्रहलाद गुंजल को हाड़ौती संभाग का बड़ा गुर्जर नेता माना जाता है. प्रहलाद गुंजल 2008 में रामगंज मंडी से विधायक रह चुके हैं. उसी समय  गुर्जर आंदोलन के दौरान प्रहलाद गुंजल की तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया से खिटपिट हो गई थी. तब प्रहलाद गुंजल ने राजे के खिलाफ कई बयान भी दिए थे. वसुंधरा राजे से हुए मनमुटाव के चलते ही रामगंजमंडी से विधायक प्रहलाद गुंजल ने पार्टी छोड़ दी थी. इसके बाद गुंजल  2008 के चुनाव से पहले किरोड़ी लाल मीणा के साथ PA संगमा की पार्टी नेशनल पीपुल्स पार्टी से जुड़ गए थे. परिसीमन के कारण रामगंजमंडी सीट भी आरक्षित हो गई. फिर  प्रहलाद गुंजल ने एनपीपी से ही हिंडौली से चुनाव लड़ा, जिसमें वह हार गए थे.

इसके बाद साल 2013 के चुनाव के पहले प्रहलाद गुंजल और राजे के बीच अनबन खत्म हो गई और वह राजे के करीबी नेताओं की लिस्ट में शुमार हो गए थे.  इसके बाद प्रहलाद गुंजल को कांग्रेस के धुरंधर नेता धारीवाल के खिलाफ चुनावी मैदान में 2013 कोटा उत्तर से उतारा गया. इसमें धारीवाल को करारी शिकस्त दी. प्रहलाद गुंजल को हमेशा से ही धारीवाल का कड़ा प्रतिद्वंद्वी माना गया है.

2003 से 2008 तक प्रहलाद गुंजल रामगंजमंडी से विधायक चुने गए थे. वहीं, कोटा उत्तर से 2013 से 2018 के बीच विधायक रहे हैं.

कोटा सीट वोटर्स

पुरुष मतदाता करीब-1006572

महिला मतदाता करीब- 941422

कोटा सीट चुनावी समीकरण 

मीणा जाति के मतदाताओं का वोट कोटा लोकसभा सीट पर निर्णायक माना जाता है. इसके अलावा गुर्जर जाति का भी कुछ इलाकों में प्रभाव है. वहीं ब्राह्मण, अनुसूचित जाति और वैश्य मतदाताओं की भूमिका अहम है. कोटा संसदीय सीट के अंतर्गत 8 विधानसभा सीट आती हैं. जिसमें कोटा जिले की कोटा उत्तर, कोटा दक्षिण, लाडपुरा, सांगोद, पीपल्दा, रामगंज मंडी विधानसभा और बूंदी जिले की केशोरायपाटन और बूंदी विधानसभा सीट शामिल हैं.

कोटा सीट पर किसका पलड़ा भारी

कोटा सीट पर ओम बिरला दो बार सासंद रह चुके हैं. वहीं  प्रहलाद गुंजल विधायक रह चुके हैं. ऐसे में गुंजल को बिरला से कड़ी चुनौती मिल सकती है. हालांकि नतीजे आने के बाद ही कोटा-बूंदी लोकसभा सीट की स्थिति साफ हो पाएगी.

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