राजस्थान में शीतलहर जारी, मौसम विभाग ने दी यह चेतावनी...

राज्य के उत्तरी भागों में अलग-अलग स्थानों (ठंड के दिन से लेकर गंभीर ठंड के दिन) में पिछले एक सप्ताह के दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 5-8 डिग्री कम दर्ज किया गया है. 

राजस्थान में शीतलहर जारी, मौसम विभाग ने दी यह चेतावनी...
अलवर जिलों के दूरदराज के इलाकों में घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है.

जयपुर: राजस्थान में शीतलहर जारी है और मौसम विभाग ने इस स्थिति के शनिवार तक बने रहने की चेतावनी दी है. शीतलहर से प्रभावित जिलों में चुरू, अलवर, दौसा, सीकर, झुंझुनू, भरतपुर, धौलपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर शामिल हैं.

राज्य के उत्तरी भागों में अलग-अलग स्थानों (ठंड के दिन से लेकर गंभीर ठंड के दिन) में पिछले एक सप्ताह के दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 5-8 डिग्री कम दर्ज किया गया है. 14-15 दिसंबर के बाद से गंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनू और अलवर जिलों के दूरदराज के इलाकों में घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है, जो जारी है.

वहीं, मौसम विभाग की मानें तो भूमध्य सागर में उत्पन्न होने वाले असमान्य व शक्तिशाली 'पश्चिमी विक्षोभ' ने हिंदी पट्टी सहित समूचे उत्तर भारत को बीते पखवाड़े से ठिठुरने को मजबूर कर दिया है. गंगा के मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा और हिंद महासागर की असामान्य वार्मिग पश्चिमी विक्षोभ के लिए जिम्मेदार हैं. 

मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो 'आम तौर पर ज्यादा ठंड की अवधि 5 या 6 दिनों होती है. लेकिन इस साल 13 दिसंबर से तापमान में गिरावट जारी है. यह अप्रत्याशित है. हालांकि, अब ऐसा लगता है कि 31 दिसंबर के बाद ही राहत मिल सकती है'. वैज्ञानिकों का मानना है कि 16 से 17 दिनों से अधिक समय तक इस तरह के ठंडे मौसम का होना असामान्य है. भीषण शीतलहर से उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है. 

वहीं, सर्दी के कारण हालात ऐसे हैं कि गांव, कस्बे, शहर, रोज सुबह कोहरे की चादर में लिपटे नजर आते हैं. वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर वाहन चलाने पढ़ रहे है. जगह-जगह लोग अलाव जलाकर सर्दी से बचने के जतन करते देखे जा सकते. पिछले कई दिनों से तापमान जमाव बिंदु के नजदीक पहुंच गया था जो गुरुवार को माइनस 3 डिग्री पहुंच गया. तापमान माइनस 3 डिग्री पहुंचने से सर्दी बढ़ी तो बर्फ जम गई जिससे जनजीवन खासा प्रभावित हो गया है. 

राजस्थान में शीतलहर और कड़ाके की सर्दी से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई है. फसलों में बर्फ जमने से किसानों को फसल खराबे की चिंता सताने लगी है. 15 दिन पहले हुई ओलावृष्टि से जहां किसानों की फसल खराब हो गई थी. अब मौसम में फिर से आए बदलाव के चलते बर्फ जमने से किसानों को सरसों गेहूं जो चना की फसल खराब होन की चिंता सताने लगी है. किसानों का कहना है किसी तरह घर पर जमीन पर फसल पूरी तरह नष्ट हो जाएगी.