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माउंट आबू: अपने ही अधिकारियों के खिलाफ धरने पर बैठे नगर पालिका बोर्ड के अध्यक्ष

माउंट आबू नगर पालिका में वर्तमान में कुल बीस पार्षद हैं, जिनमे बुधवार को पालिकाध्यक्ष के साथ केवल तीन ही इस धरना स्थल पर नजर आए.

माउंट आबू: अपने ही अधिकारियों के खिलाफ धरने पर बैठे नगर पालिका बोर्ड के अध्यक्ष
हालांकि लोगों का कहना है कि यह धरना और विरोध कम नाटक ज्यादा लग रहा है.

माउंट आबू: हिल स्टेशन माउंट आबू के सियासी गरियारों में बुधवार से उल्टी ही गंगा बहने लगी है. यहां के पालिकाध्यक्ष अब अपने ही बोर्ड के कार्यकाल में धरने पर जा बैठे है. लेकिन धरना करने का तर्क तार्किक कम हास्यास्पद ज़्यादा लगता है. धरने पर बैठे अध्यक्ष का कहना है कि आम जनता के काम नहीं हो पा रहे हैं. लोगों को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए पालिका कार्यलय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. जबकि, हालात तो पिछले साढ़े वर्षों में भी ऐसे ही थे, फिर क्या प्रदेश में सत्ता बदलते ही आम जनता के यह सारे काम अचानक रूक गए?  

धरना देने की प्रक्रिया में जन समर्थन के लिए व्हाट्सएप से लेकर फेसबुक तक से तमाम सोशल मीडिया पर संदेशों को जोर-शोर से आमजन को भेजा गया. लोगों से आह्वान किया गया कि लंबे समय से जनता के काम नगर पालिका में कार्यरत बाबू व नौकरशाहों की वजह से नहीं हो पा रहे हैं. इसलिए वे इस धरने में अपना जन समर्थन दें. बड़ा विशाल धरना हो, लेकिन तस्वीरें जो कुछ भी खुद ही बयां कर रही है. लोगों का कहना है कि यह धरना विरोध कम नाटक ज़्यादा लग रहा है.

बावजूद इसके भी पालिकाध्यक्ष से जब पूछा गया कि आपके पीछे जन समर्थन या जनाधार तो कहीं नजर नहीं आ रहा तो उनका जवाब था कि सभी लोग अपने कामों में व्यस्त हैं. लोग हमारे साथ हैं, कांग्रेस के भी साथ हैं और भाजपा के भी साथ हैं. हम आज से धरना शुरू किया है आगे से हम इसको और उग्र बनाएंगे विरोध प्रदर्शन करेंगे पुतले जलाएंगे.

वहीं, जब विपक्ष यानी कि कांग्रेस के पार्षदों से बात की गई तो उनका कहना था कि आज सारे कार्य माउंट आबू में हो रहे हैं. उपखंड अधिकारी जब से माउंट आबू के आयुक्त के चार्ज लेकर के कार्य को कर रहे हैं. माउंट आबू के विकास कार्यों में काफी कुछ बदलाव देखने को मिल रहा है और यहां पर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है. भाजपा के अपने लोगों के गलत कार्य नहीं होने के वजह से यह लोग हाल ही में आई कांग्रेस सरकार बदनाम करने के लिए इस तरह के स्टंट कर रहे हैं. जिसके पीछे ना तो कोई जनाधार है और ना ही कोई समर्थन.

उल्लेखनीय है कि माउंट आबू में वर्तमान में भाजपा का ही बोर्ड है वह यहां पर 14 पार्षद भाजपा के हैं बाकी के बचे हुए कांग्रेस के. माउंट आबू में वर्तमान में कुल बीस पार्षद हैं, जिनमे बुधवार को पालिकाध्यक्ष के साथ तीन अन्य ही इस धरना स्थल पर नजर आए. वहीं बात की जाए धरना स्थल पर कुल जमा लोगों की इनमें से मात्र 16 लोग हैं. शुरुआत में नजर आए जिनमें 10 पुरुष और 6 महिलाएं थी जो भी कुछ समय बैठकर इधर उधर सरक लिए.