कोटपुतली नगरपालिका बनी राजनैतिक अखाड़ा, कांग्रेस और बीजेपी की वजह से रुका विकास

नगरपालिका कोटपुतली शुरू से ही किसी न किसी बात को लेकर हमेशा सुर्खियों में रही है.   

कोटपुतली नगरपालिका बनी राजनैतिक अखाड़ा, कांग्रेस और बीजेपी की वजह से रुका विकास
फाइल फोटो

अमित यादव, कोटपुतली: नगरपालिका कोटपुतली शुरू से ही किसी न किसी बात को लेकर हमेशा सुर्खियों में रही है. पिछले 6 माह पहले स्वायत्त शासन विभाग ने पूर्व चेयरमैन भाजपा (BJP) के महेंद्र सैनी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते हुए पद से निलंबित कर दिया गया था.

यह मामला उच्च न्यायालय में चला गया. इस दौरान विभाग ने उपाध्यक्ष दीपा सैनी को नगरपालिका चेयरमैन का पदभार ग्रहण करवाया, जिसके बाद नगरपालिका में कांग्रेस और बीजेपी की तरफ से पूरा राजनीतिकरण होने लगा. लोगों से जुड़े कोई भी काम समय से नहीं हो पाए, जिससे कोटपुतली की जनता को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. अभी 5 दिन पहले पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी को कोर्ट ने स्टे दिया गया था, जिसको लेकर दूसरे दिन महेंद्र सैनी नगरपालिका पहुंचे, जहां पर मौजूदा चेयरमैन दीपा सैनी और पूर्व महेंद्र सैनी के बीच काफी तनातनी हुई और मामला थाने तक जा पहुंचा. दोनों पक्षों की ओर से थाने में मामला दर्ज हो चुका है लेकिन इस सब के बीच कोटपुतली नगरपालिका के जो मूलभूत कार्य हैं, वो नहीं हो पा रहे हैं. पालिका को राजनीतिक अखाड़ा बन कर रह गया है. आम जनता इससे त्रस्त है लेकिन अब समस्याओं से कौन निजात दिलाए?

कहते हैं किसी भी शहर और कस्बे की साफ सफाई रोड लाइट लगाने और अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी प्रशासनिक महकमे या नगरपालिका की होती है लेकिन पिछले 6 माह से कोटपुतली में आपस में राजनैतिक द्वेष के चलते नगरपालिका कार्यालय राजनैतिक अखाड़ा बन गया गया. आम लोगों से जुड़े कोई भी काम समय से नही हो पा रहे हैं, जिससे कोटपुतली शहर की जनता काफी परेशान है. शहर में आज अतिक्रमण गंदगी और सड़कों की रोड लाइटों का काम नहीं हो पा रहा है.

कार्यालय में रखे दस्तावेजों को फाड़ दिया गया
जब इस विषय में जी मीडिया की टीम मौजूदा चेयरमैन दीपा सैनी से मिली तो उन्होंने कहा कि पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी जबरन मेरे कार्यालय में समर्थकों के साथ घुस आया और मुझे कुर्सी से नीचे गिरा दिया. साथ में मेरी लगी नेम प्लेट और कार्यालय में रखे दस्तावेजों को फाड़ दिया और चेयरमैन ने सभी आरोपों को निराधार बताया. चेयरमैन ने बताया कि कोर्ट के स्टे के बाद हम केवल नगरपालिका अधिशासी अधिकारी से मिलने गए थे. अधिशासी अधिकारी नहीं था, जिस कारण हम चेयरमैन के चैंबर में गए. उसी समय कुछ समर्थक कार्यालय पहुंच गए और फूल माला और मिठाई खिलाने लगे, वहां पर काफी लोग मौजूद थे. साथ मे चैंबर में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं.

कोटपुतली नगरपालिका का मेंटर अब कोटपुतली थाने पहुंच चुका है, जिस पर पुलिस दोनों मामले में जांच कर रही है. दोनों पक्षों की ओर से मामले दर्ज करवाए गए हैं. मौजूद चेयरमैन दीपा सैनी और बताया जा रहा है पूर्वी चेयरमैन की तरफ से पार्षद में मामला दर्ज करवाया गया है. अब इस पूरे मामले का खुलासा पुलिस जांच के बाद सामने आ पाएगा कि कौन कितनी गलती कर रहा है, जिसकी सजा कोटपुतली की जनता को भुगतना पड़ रहा है .