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राजस्थान: जसोल हादसे में पुलिस जांच शुरू, कड़ी कार्रवाई का दिया भरोसा

पुलिस सार्वजनिक निर्माण विभाग और विद्यूत विभाग के अधिकारियों से घटना स्थल पर हुई गलतिय़ों और उसके जिम्मेदार लोगों की जानकारियां इकट्ठा कर रही है. 

राजस्थान: जसोल हादसे में पुलिस जांच शुरू, कड़ी कार्रवाई का दिया भरोसा
आयोजक ने प्रशासन से कोई भी परमिशन नहीं ली थी. (फाइल फोटो)

बाड़मेर:जसोल हादसे के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस सार्वजनिक निर्माण विभाग और विद्यूत विभाग के अधिकारियों से घटना स्थल पर हुई गलतिय़ों और उसके जिम्मेदार लोगों की जानकारियां इकट्ठा कर रही है. सूत्रों के अनुसार, पुलिस जांच के लिये जयपुर से एफएसएल टीम को बुलाकर मौका मुआयना करवाएगी. पुलिस अधिकारियों का दावा है कि इस मामले में लापरवाही बरतने वालो के खिलाफ कड़ी करवाई होगी.

आपकोबता दें कि रविवार को जसोल हादसे के दौरान 15 लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा 50 घायल हो गए थे. जिसके बाद जसोल दु:खांतिका को लेकर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या व मानव जीवन को संकट में डालने का मामला दर्ज किया है. जिसमें अज्ञात आरोपित टेंट मालिक व बिजली व्यवस्था संभालने वालों को बनाया गया है. 

गौरतलब है कि जसोल गांव के हाईस्कूल में रविवार को रामकथा के दौरान तेज आंधी से पंडाल हवा में उड़कर लोगों पर गिर गया था, जिससे अब तक 15 की मौत हो गई और 65 से अधिक लोग घायल है. मृतकों में छह लोग जसोल गांव के ही है, शेष अन्यत्र से कथा सुनने आए थे.

इस संबंध में एसपी राशि डोगरा डूडी ने बताया कि जसोल रामकथा के दौरान हुए हादसे के बाद पुलिस ने टेंट मालिक व परिसर में बिजली व्यवस्था करने वालों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या व ऐसा कृत्य. जिससे मानव जीवन को संकट में डालने की 304, 336 आईपीसी धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है. 

एसपी ने यह भी कहा कि तफ्तीश में जिस किसी की भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. मामले में कथा के पहले अनुमति लेने के संबंध में बलोतरा उपखंड अधिकारी रोहित कुमार ने बताया कि आयोजक ने प्रशासन से कोई भी परमिशन नहीं ली और ना कोई आवेदन किया था. 

मामले में आयोजकों की लापरवाही को देखते हुए जसोल निवासी हिमांशुसिंह व श्यामसिंह मेवानगर की ओर से मामला दर्ज करवाया गया. पुलिस ने आईपीसी 304,336 के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इतने बड़े आयोजन के लिए आयोजकों द्वारा अवैध बिजली कनेक्शन लिया गया था. जिस पर डिस्कॉम के अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया. कार्यक्रम के दौरान बिजली के लिए जनरेटर भी लगाए गए थे लेकिन मास्टर सर्किट नहीं लगाया गया था. जिस कारण समय पर बिजली कट नहीं हुई और अधिक जनहानि हुई.मामला दर्ज कराने वाले हिमांशुसिंह और श्यामसिंह ने जिला कलेक्टर से मामले में कोई भी लीपापोती नहीं होने की मांग की.