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प्रतापगढ़: पॉलिथीन पर जिलाधिकारी की चेतावनी, इस्तेमाल करने वाले पर होगी कड़ी कार्रवाई

शहर में 21 जून के बाद जो भी पॉलिथीन का उपयोग करेगा, चाहे वह छोटा या बड़ा दुकानदार, थैले वाले, चाय वाले, रेस्टोरेण्ट आदि पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी. 

प्रतापगढ़: पॉलिथीन पर जिलाधिकारी की चेतावनी, इस्तेमाल करने वाले पर होगी कड़ी कार्रवाई
एक अनुमान के अनुसार पिछले दस वर्ष में सैंकड़ों गाय पॉलिथीन से दम तोड़ चुकी है.

प्रतापगढ़: मिनी सचिवालय सभागार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन समिति की बैठक जिला कलक्टर श्यामसिंह राजपुरोहित की अध्यक्षता में हुई. बैठक में जिला कलक्टर ने प्रतापगढ़ शहर में पॉलिथीन के उपयोग पर नाराजगी जाहिर की. उन्होने कहा कि एक सप्ताह के बाद यानी 21 जून को जो भी पॉलिथीन का उपयोग करेगा, शहर में चाहे वह छोटा या बड़ा दुकानदार, थैले वाले, चाय वाले, रेस्टोरेण्ट, रिसोर्ट आदि पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी. 

उन्होंने प्रतापगढ़ शहर को मॉडल टाउन होने की जानकारी देते हुए बताया कि अब प्रतापगढ़ में पूर्ण रूप से पॉलिथीन पर सख्ती होगी. जिला कलक्टर ने कहा कि 7 दिन के भीतर-भीतर पूर्णरूप से प्लास्टीक का डिस्पोज करें, नहीं तो आगामी 21 जून से कार्यवाही के लिये तैयार रहें. उन्होंने कहा कि पॉलिथीन लाने-ले जाने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी. पॉलिथीन से मानव जाति एवं आवारा पशुओं पर बहुत ही दुष्प्रभाव पड़ रहा है.

जिला पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने प्रतापगढ़ शहर में प्लास्टिक मैनेजमेन्ट सिस्टम को खत्म करने को कहा. उन्होने कहा कि प्लास्टिक डिस्पोजल, दुने, थैली पूर्ण रूप से बंद कर दे, अन्यथा कड़ी सख्त कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी. 

बता दें कि, प्रतापगढ़ और धरियावद शहर में जिधर नजर दौड़ाएं, घरों के आसपास, गली-मोहल्ले या शहर के बाहर कचरे के ढेर में बड़ी संख्या में पॉलिथीन मिल जाता है. गाय अक्सर अपना पेट भरने के लिए खाने के साथ पॉलिथीन भी निगल जाती है. ऐसी गाय अक्सर नजर आ जाती है, जिसका पेट फूला हुआ होता है, जैसे वह गर्भवती हो. दरअसल ऐसी गाय के पेट में पॉलिथीन भरा होता है. एक अनुमान के अनुसार पिछले दस वर्ष में सैंकड़ों गाय पॉलिथीन से दम तोड़ चुकी है.

पॉलिथीन की थैलियों में लोग घर की जूठन या बासी बचा-खुचा खाना भर कर फेंकते हैं. कूड़े के ढेर में खाद्य पदार्थ खोजते हुए गाय थैलियां निगल जाती हैं. इस तरह काफी मात्रा में पॉलिथीन उनके पेट में चला जाता है. बाद में ये गाय बीमार होकर दम तोड़ देती है. शादीब्याह में होने वाले भोज में अक्सर जूठन के ढेर में गाय के झुंड के झुंड पहुंच जाती हैं और खाने के साथ पॉलिथीन भी उनके पेट में चला जाता है. अंतत: उनकी मौत हो जाती है.