राजस्थान: आईएएस अशोक सिंघवी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट

मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही विशेष कोर्ट ने भी ईडी के सबूतों पर मुहर लगाई है

राजस्थान: आईएएस अशोक सिंघवी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट
जोधपुर के कारोबारियों पर अलग मामले में FIR दर्ज है.

जयपुर: जुलाई 2018 में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत दर्ज मामले में प्रवर्तन निदेशालय को बड़ी सफलता मिली है. इस मामले के ईडी को आरोपियों की गिरफ्तारी की अनुमति मिल गई है. इनमें खनन घोटाले के आरोपों में घिरे आईएएस अशेाक सिंघवी का नाम भी शामिल हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने संजय सेठी, डॉ अशोक सिंघवी, पंकज गहलोत, पुष्कर राज आमेटा, सीए श्याम सुंदर सिंघवी, मोहम्मद राशिद शेख, धीरेंद्र सिंह, मोहम्मद शेर खान की पत्नी तमन्ना के खिलाफ संज्ञान लिया है. विशेष कोर्ट ने सभी आठों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. मामले में अगली सुनवाई 28 फरवरी तय की गई है. 

चर्चित रहा हैं खनन घोटाला
चर्चित खनन घोटाले की परतें प्रर्वतन निदेशालय खोल रहा है. ईडी के पास भी मामले से जुड़े कई सबूत हैं. मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही विशेष कोर्ट ने भी ईडी के सबूतों पर मुहर लगाई है. इस मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने से अब आईएएस अशेाक सिंघवी की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं. गौरतलब है कि देश में प्रर्वतन निदेशालय हरकत में आया है. पुराने कई मामलों में नए सिरे से इंवेस्टिगेशन की तैयारी में हैं. हजारों करोड़ रुपए के खनन घोटाले के आरोपी रहे आईएएस अशोक सिंघवी की मुश्किलें भी ईडी ने बढा़ई हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने अशोक सिंघवी और विभाग के तत्कालीन अधिकारी संजय सेठी और पंकज गहलोत के नाम प्राथमिकी दर्ज की ओर उसके बाद सबूतों के साथ मामला कोर्ट में पहुंचा. 

प्रिवेन्शन मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामले में भीलवाड़ा और जोधपुर के कारोबारियों पर अलग मामले में FIR दर्ज है. ईडी ने अपनी जांच में पाया था कि दो करोड़ पचपन लाख रुपए संजय सेठी के जरिए बड़े स्तर पर खनन विभाग में पहुंचाए गए थे. मोहम्ममद राशिद शेख और सीए श्याम सुंदर सिघवी ने दो करोड़ पचपन लाख रुपए की रिश्वत दी थी. वहीं अलग से जुटाए गए ढाई करोड़ रुपए में एक करोड़ रुपए की राशि आईएएस अशोक सिंघवी को भी दी गई थी. इसमें से डेढ़ करोड़ रुपए की राशि पंकज गहलोत समेत अन्य अधिकारियों को दी गई थी. मामला अब विशेष कोर्ट में है, अगर अशेाक सिंघवी गिरफ्तार होते हैं तो मामले में कुछ और तथ्य सामने आ सकते हैं.