राजस्थान विधानसभा ने पारित किया महिला आरक्षण के लिए संकल्प

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने महिला आरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता सदन में भी दिखाई.

राजस्थान विधानसभा ने पारित किया महिला आरक्षण के लिए संकल्प
फाइल फोटो

जयपुर: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) से ठीक पहले राजस्थान कांग्रेस ने महिलाओं को राजनीतिक क्षेत्र में प्रतिनिधि के लिए संकल्प का नया कार्ड खेला है. विधानसभा के पहले सत्र के आखिरी दिन प्रभारी मंत्री ममता भूपेश ने इस संदर्भ का संकल्प पेश किया. जिसे सदन ने ध्वनिमत से विधानसभा में पारित करके केंद्र को भेजने पर अपनी सहमति जताई. 

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने महिला आरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता सदन में भी दिखाई. इस कड़ी में महिला और बाल विकास मंत्री ममता भूपेश ने राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण का संकल्प विधानसभा में पटल पर रखा. इस संकल्प में महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा चुनाव में एक तिहाई सीटों पर आरक्षण देने का प्रावधान करने की मंशा जताई गई. साथ ही इसके लिए केंद्र सरकार से बिल लाने का आह्वान भी किया गया.

इस संकल्प पर बहस के दौरान प्रतिपक्ष के उप नेता राजेंद्र राठौड़ ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार लोकसभा चुनाव से ठीक पहले महिलाओं को सिर्फ वोटर के रूप में देख रही है और उन्हें लुभाने के लिए यह कोशिश कर रही है. वहीं, इस मसले पर राठौड़ के आरोपों पर पलटवार करते हुए सदन के नेता के रूप में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सदन में वह दस्तावेज भी दिखाए जिसमें 17 जनवरी को हुई कैबिनेट बैठक में महिला आरक्षण पर प्रस्ताव लाने का फैसला लिया गया था. 

अशोक गहलोत ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने महिला आरक्षण को लेकर मंशा जताई थी और उसके बाद 17 जनवरी को हुई कैबिनेट की बैठक में कांग्रेस ने इस संदर्भ का संकल्प लाने का मन बना लिया था. प्रभारी मंत्री ममता भूपेश ने सदन में कहा कि महिलाओं के वोट तो सभी पार्टियों को चाहिए लेकिन एक तिहाई आरक्षण की पैरवी नहीं की जाती. महिला बाल विकास मंत्री ने बीजेपी को भी इस मसले पर साथ देने का आह्वान किया. उन्होंने केंद्र सरकार से इस संदर्भ में राजनीति क्षेत्र में महिला आरक्षण के प्रावधान किए जाने की मांग की.

महिला आरक्षण को लेकर सरकार के संकल्प को लोकसभा चुनाव से पहले बड़े दांव के रूप में देखा जा रहा है. पहले कांग्रेस में प्रियंका गांधी की एंट्री और अब महिला आरक्षण के संकल्प से कांग्रेस को भी इस बात की 

आस है कि आधी आबादी का समर्थन आने वाले लोकसभा चुनाव में उसे मजबूती से मिल सकेगा.