रावतभाटा: 40 घंटों के बाद भी नहीं बंद हो पाया राणा प्रताप सागर बांध का गेट, पानी की बर्बादी जारी

रविवार को जलदाय विभाग के चीफ इंजीनियर राजीव चौधरी ने बांध के गेट अटकने को मामूली बात कहते हुए आगामी दो-से तीन घंटों में गेट बंद करने की बात कही थी. 

रावतभाटा: 40 घंटों के बाद भी नहीं बंद हो पाया राणा प्रताप सागर बांध का गेट, पानी की बर्बादी जारी
राणा प्रताप सागर बांध का जल स्तर 1 फीट से ज्यादा खाली हो चुका है.

रावतभाटा: जिले में चंबल नदी पर स्थित राणा प्रताप सागर बांध का गेट नंबर 10 शुक्रवार शाम 7:00 बजे से अटकने के 40 घंटे बाद भी बंद नहीं हो पाया. ऐसे में राणा प्रताप सागर बांध का जल स्तर 1 फीट से ज्यादा खाली हो चुका है. 

शुक्रवार शाम सात बजे गेट बंद करने के प्रयास के दौरान बांध का जलस्तर 1154.58 फीट पर था, जो कि अब 1155. 65 फीट पर पहुंच गया है. सिंचाई विभाग की ओर से शनिवार को गेट बंद करने के लिए कोटा और बांसवाड़ा से भी विशेष टीमें बुलवाई गईं थीं, जो गेट बंद करने में नाकाम रही. अब बताया जा रहा है कि भोपाल से भी स्पेशल टीम बुलाई गई हैं. वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारी जुगत लगाकर बांध के गेट को बंद करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन बांध का गेट बंद होता नहीं दिख रहा है. 

रविवार को जलदाय विभाग के चीफ इंजीनियर राजीव चौधरी ने बांध के गेट अटकने को मामूली बात कहते हुए आगामी दो से तीन घंटों में गेट बंद करने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि बांध से छोड़ा जा रहा पानी नहरों में सिंचाई के लिए उपयोग हो रहा है, जबकि राणा प्रताप सागर बांध के आगे स्थित जवाहर सागर बांध और उसके आगे स्थित कोटा बैराज बांध से 8 हजार 8 सौ 88 क्यूसेक पानी गेट नहरों से न छोड़ कर बांध के गेट से ही डिस्चार्ज किया जा रहा है. 

ऐसे में राणाप्रताप सागर बांध के सामांतर स्थित जवाहर सागर, कोटा बैराज बांध से पानी की निकासी की जा रही है, जिसके चलते सिंचाई परियोजना के लिए बड़े बांधों में शुमार चंबल नदी पर स्थित राणा प्रताप सागर बांध से लाखों क्यूसेक पानी निकल रहा है लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी बांध से व्यर्थ बहते पानी को रोकने में नाकाम साबित हुए हैं.