दुनिया में उथल-पुथल मचाएगा सूर्य ग्रहण, राहुल गांधी के लिए भी अशुभ

सूर्य ग्रहण को लेकर अखिल भारतीय वैदिक शिक्षण के चेयरमैन व विश्व विख्यात एस्ट्रोलॉजर आचार्य वी शास्त्री जी ने बताया कि प्रत्येक ग्रहण का वैज्ञानिक और धार्मिक दृष्टि से प्रकृति तथा मानव समुदाय पर गहरा प्रभाव पड़ता है.

दुनिया में उथल-पुथल मचाएगा सूर्य ग्रहण, राहुल गांधी के लिए भी अशुभ
फाइल फोटो

आचार्य वी शास्त्री, दिल्ली: सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) को लेकर अखिल भारतीय वैदिक शिक्षण के चेयरमैन और विश्व विख्यात एस्ट्रोलॉजर आचार्य वी शास्त्री जी ने बताया कि प्रत्येक ग्रहण का वैज्ञानिक और धार्मिक दृष्टि से प्रकृति तथा मानव समुदाय पर गहरा प्रभाव पड़ता है. 26 दिसंबर 2019 को पड़ने वाला यह सूर्य ग्रहण देश व दुनिया में उथल-पुथल पैदा करने वाला होगा क्योंकि इस सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) के दौरान ब्रह्माण्ड के पांच मान्यता प्राप्त ग्रह सूर्य, चन्द्र, बुध, बृहस्पति, शनि और राहू की पूर्ण दृष्टि के प्रभाव में होंगे. धनु राशि के राहुल गांधी जो वर्तमान में राहु की कठिन दशा में हैं, उनके लिए ग्रहण अशुभ होगा.

58 साल पहले बना था ये दुर्लभ योग
आचार्य वी शास्त्री जी के मुताबिक ऐसा दुर्लभ योग 26 जनवरी 1962 को घटित हुआ था. उस दिन कोई ग्रहण नहीं था, लेकिन ये पांचों ग्रह राहू की पूर्ण दृष्टि के प्रभाव में थे. जब-जब इस तरह की स्थिति ब्रह्माण्ड में पैदा होती है अर्थात ब्रह्माण्ड के ज्यादातर ग्रह राहू की पूर्ण दृष्टि में होते हैं, तब-तब दुनिया में युद्ध, हिंसक घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं के कारण मानव समुदाय को हानि पहुंचती है.

दुनिया के लिए महाविनाशकारी योग
आचार्य वी शास्त्री जी ने बताया कि वैदिक हिंदू पौराणिक ग्रन्थों के अनुसार ये एक महाविनाशकारी योग होता है जो पूरी दुनिया के लिए बनता है क्योंकि शासन का कारक सूर्य, आम जनता का कारक शनि, महत्वपूर्ण निर्णयों का कारक देवगुरू बृहस्पति तीनों ग्रह 26 दिसम्बर 2019 को सूर्य ग्रहण के सुबह 11 बजकर 5 मिनट पर खत्म होने के वावजूद भी 14 जनवरी 2020 तक गोचरीय ग्रह चाल के दौरान राहू की पूर्ण दृष्टि के प्रभाव में रहेंगे. सूर्य और शनि एक दूसरे के महा दुश्मन हैं. उन दोनों की एक साथ युति, साथ ही दोनों ग्रहों पर अर्थात राहू की पूर्ण दृष्टि का प्रभाव हिंसा, दुर्घटनाओं, आगजनी, प्राकृतिक आपदाओं से जन और  धन हानि का योग बनाती है.

भारत सरकार को 23 जनवरी 2020 तक सतर्क रहने की जरूरत
आचार्य वी शास्त्री जी ने बताया कि भारत के लिए ये सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) सबसे ज्यादा नुकसानदेह साबित होगा. वर्तमान में भारत देश की सरकार को विशेष रूप से 23 जनवरी 2020 तक अपने पड़ोसी देशों, अपने देश में ही छुपे हुए अराजक तत्वों से विशेष सावधानी बरतने की प्रबल आवश्यकता है. स्वतंत्र भारत की राशि कर्क पर 26 दिसम्बर 2019 को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण सबसे ज्यादा घातक होगा. भारत की कर्क राशि से ये पांचों ग्रह शत्रु, रोग, व ऋण अर्थात अशुभ भाव में विराजमान रहेंगे.

भूकंप, सुनामी और बर्फबारी का खतरा
ज्योतिष गणना के अनुसार, ग्रहण से ठीक एक दिन पहले पौष माह में मंगल राशि परिवर्तन करके जल-तत्व की राशि वृश्चिक में प्रवेश करने वाला है. ऐसी स्थिति बड़े प्राकृतिक आपदा की ओर इशारा कर रही है. ग्रहण के 3 से 15 दिनों के भीतर भूकंप, सुनामी और अत्यधिक बर्फबारी का खतरा देश पर मंडरा रहा है.

मंत्रियों, प्रधान पुरुषों, राजाओं, सैनिकों, हथियार रखने वालों, पहलवानों, खिलाड़ियों, चिकित्सकों, बड़े व्यापारियों और तकनीक की जानकारी रखने वालों (वर्तमान में आईटी में कार्यरत लोगों) को कष्ट देने वाला होता है. अगले 6 महीने इन क्षेत्रों में कार्यरत लोगों पर सूर्य ग्रहण के प्रभाव अच्छा नहीं है. 

राहुल गांधी के लिए ग्रहण अशुभ
धनु राशि के राहुल गांधी जो वर्तमान में राहु की कठिन दशा में हैं, उनके लिए ग्रहण अशुभ होगा. धनु लग्न के पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और मिथुन राशि के ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के स्वस्थ के लिए ग्रहण संवेदनशील है. इसी प्रकार से धनु लग्न में जन्मीं इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ग्रहण के कुछ महीनों के बाद खराब सेहत के कारण राजगद्दी छोड़ सकती हैं. इनके अलावा मिथुन लग्न में पैदा हुए और शनि-मंगल की अशुभ विंशोत्तरी दशा में चल रहे तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा पर भी यह ग्रहण स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है. मिथुन राशि से प्रभावित बंगाल, धनु राशि से प्रभावित उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और नेपाल के लिए यह ग्रहण विशेष रूप से कष्टकारी रह सकता है.