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राजस्थान: ज्योतिबा फुले की जयंती पर सीएम अशोक गहलोत, मदनलाल सैनी ने दी श्रद्धांजलि

महात्मा ज्योतिबा फूले की जयंती पर गुरुवार को राजधानी जयपुर सहित राज्य भर में कई कार्यक्रमों का आयोजन हुआ. 

राजस्थान: ज्योतिबा फुले की जयंती पर सीएम अशोक गहलोत, मदनलाल सैनी ने दी श्रद्धांजलि
फुले ने पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए कार्य किया था. (फोटो साभार: twitter/ashokgehlot)

जयपुर: महाराष्ट्र के रहने वाले समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की जयंती समारोह के दौरान गुरुवार को राजधानी जयपुर सहित राज्य भर में कई कार्यक्रमों का आयोजन हुआ. राज्य के सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर ज्योतिबा फुले को अपनी श्रद्धांजलि दी. 

उन्होंने कहा, ''मेरी महात्मा ज्योतिबा फूले को श्रद्धांजलि, वह सामाजिक न्याय के लिए प्रयास करने वाले में सबसे अग्रणी रहें. जिन्होंने बिना जाति और संप्रदाय के बंधन के सभी के लिए समान न्याय की बात की. उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित तबके के उत्थान और महिला सारक्षता के विकास के लिए समर्पित कर दिया. हम सभी को उनके बताए रास्ते पर चलना चाहिए.''

बीजेपी अध्यक्ष ने भी किया माल्यार्पण
वहीं, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी ने भी बाइस गोदाम सर्किल स्थित ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि फुले के सिद्धांतों ने भारत को मजबूत किया है. उनके समाज सुधार के योगदान के कारण समाज के पिछड़ों को शिक्षा और राजनीति में कई अवसर मिले हैं. देशहित में उनके दर्शन को लागू करने का वक्त आ गया है. इस दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण की दिशा में उनके द्वारा की गई पहल को सराहनीय बताया. उन्होंने यह भी कहा कि अब जातिवाद से उठकर देश को मजबूत करने वक्त आ गया है.

महाराष्ट्र में जन्मे थे समाज सुधारक फुले
आपको बता दें कि, महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को हुआ था. समाज के पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए उन्होंने अपनी पत्नी के साथ कई कार्य किए. जिस कारण उन्हें महात्मा फुले के नाम से जाना जाता है. अपनी पत्नी सावित्री बाई फूले के साथ मिलकर उन्होंने पूणे में स्कुल भी खोला था. जिसमें समाज के वंचित वर्ग की महिलाओं को शिक्षा दी जाती थी. इस दौरान उन्हें कथित उंची जातियों के विरोध का भी सामना करना पड़ा. 1873 में उन्होंने सत्य शोधक समाज नामक संस्था की शुरुआत की थी.