राजस्थान में गुर्जर आंदोलन के कारण दो रेलगाड़ियां हुई रद्द

उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि आंदोलन के कारण उदयपुर से हजरत निजामुद्दीन और हजरत निजामुद्दीन से उदयपुर के बीच चलने वाली रेलगाड़ी को रद्द कर दिया गया है

राजस्थान में गुर्जर आंदोलन के कारण दो रेलगाड़ियां हुई रद्द
गुर्जर आंदोलन का असर पश्चिम मध्य रेलवे की कुछ सेवाओं पर भी देखा गया

जयपुर: राजस्थान में गुर्जरों के आरक्षण आंदोलन का असर रविवार को भी रेल सेवाओं पर भी पड़ा. इसके चलते कम से कम दो ट्रेनों को रद्द किया गया और नौ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है.

उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि आंदोलन के कारण उदयपुर से हजरत निजामुद्दीन और हजरत निजामुद्दीन से उदयपुर के बीच चलने वाली रेलगाड़ी को रद्द कर दिया गया है.

वहीं इसी खंड में सात ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है और दो ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया है. गुर्जर आंदोलन का असर पश्चिम मध्य रेलवे की कुछ सेवाओं पर भी देखा गया. वहां कम से कम दो ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है.

उल्लेखनीय है कि गुर्जर पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर शुक्रवार शाम से सवाईमाधोपुर के मलारना डूंगर में रेल पटरी पर बैठे हैं. उत्तर-पश्चिम रेलवे ने शनिवार को भी तीन सवारी गाडि़यों को रद्द कर दिया और एक सवारी गाड़ी के मार्ग में परिवर्तन किया था.

हालांकि शनिवार को गहलोत सरकार का 3 सद्स्यीय प्रतिनिधिमंड़ल राज्य में मंत्री विश्वेंद्र सिंह के सवाई माधोपुर पहुंचा था. जिसने आंदोनकारियों से वार्ता करने का प्रयास भी किया. राज्य सरकार के इस प्रतिनिधिमंडल के साथ गुर्जर समुदाय के प्रतिनिधियों की बातचीत में कमेटी की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल बनाकर बातचीत करने की बात कही गई थी. 

वहीं राजस्थान के सीएम मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कहा था कि पिछली बार भी उनकी अधिकतर मांगे राज्य सरकार द्वारा मानी गई थी. इस बार भी उनसे बातचीत करने के लिए तीन मंत्रियों की कमेटी बना दी गई है. लेकिन गुर्जरों की जो मांगे हैं उनका ताल्लुक केंद्र सरकार से है. मांग संविधान संशोधन करके ही पूरी हो सकती है, यह बात गुर्जर नेता बैंसला को समझना चाहिए. इसलिए उनका आंदोलन करना समझ से परे है.'

(इनपुट-भाषा)