बारां: उज्जवला योजना पर उड़ रही कालिख, चूल्हे पर बन रहा स्कूल का मिड डे मील

चूल्हे पर पोषाहार बनाने का काम करीब दो-तीन साल से बदस्तूर जारी है. इस दौरान कई अधिकारियों ने विजिट भी होगी लेकिन शायद किसी को यह नजर नहीं आया.

बारां: उज्जवला योजना पर उड़ रही कालिख, चूल्हे पर बन रहा स्कूल का मिड डे मील
करीब दो-तीन सालों से लकड़ी के चूल्हे पर मिड डे मील बनाया जा रहा है.

राम मेहता, बारां: यूं तो सरकार घर-घर गैस का चूल्हा पहुंचाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर एक सरकारी स्कूल में ही पोषाहार लकड़ी के चूल्हे पर बनाकर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. 

चौंकाने वाली बात तो यह है कि चूल्हे पर पोषाहार बनाने का काम करीब दो-तीन साल से बदस्तूर जारी है. इस दौरान कई अधिकारियों ने विजिट भी होगी लेकिन शायद किसी को यह नजर नहीं आया.

ऐसा ही नजारा बारां जिले के राजपुर गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में देखने को मिला, जहां करीब दो-तीन सालों से लकड़ी के चूल्हे पर मिड डे मील बनाया जा रहा है. यहां कक्षा एक से आठवीं तक पढ़ने वाले 253 बच्चों के लिए लकड़ी के चूल्हे पर ही भोजन और अन्य सामग्री पकाई जा जाती है.

इस मामले को लेकर जब विद्यालय के पोषाहार प्रभारी से बात की तो उन्होंने बताया कि मैडम से बात की तो उन्होंने कहा कि यहां के लिए गैस कनेक्शन नहीं है. मजबूरी में चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है.