देश का इकलौता रेलवे स्टेशन जहां महिलाओं के हाथों में संचालन का जिम्मा

उत्तर पश्चिम रेलवे का गांधीनगर स्टेशन ऐसा एक मात्र महिला रेलवे स्टेशन है, जिसको पूर्णतया महिलायें संचालित कर रही हैं.

देश का इकलौता रेलवे स्टेशन जहां महिलाओं के हाथों में संचालन का जिम्मा
आज भी प्रदेश की तरक्की में महिलाएं अपनी भागीदारी दर्शा रही हैं.

जयपुर: कोई भी देश तरक्की के शिखर पर नहीं पहुंच सकता जब तक उसमें महिलाएं कंधे से कंधा मिला कर ना चलें. महिलाओं को राष्ट्र की आंखे बताया गया है. राजस्थान रणबांकूरों का प्रदेश रहा है. इतिहास यहां के वीरों की गाथाओं से जितना गर्वित है, उतना ही महिलाओं की सशक्त भूमिका से आच्छादित. आज भी प्रदेश की तरक्की में महिलाएं अपनी भागीदारी दर्शा रही हैं.

महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहल करते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे का एक मात्र महिला स्टेशन गांधीनगर रेलवे स्टेशन पूर्णतया महिलाओं द्वारा संचालित किया जा रहा. जहां सभी पदों पर महिलाएं काम को बखूबी से निभा रही हैं. स्टेशन मास्टर से लेकर, मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक, टिकट संग्राहक, रेल सुरक्षा बल की कमान भी महिलाएं संभाल रही हैं. रेलवे स्टेशन की सफाई कार्य भी महिलाएं संभाल रही हैं.

रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल में महिला बटालियनों की स्थापना की गई. वर्तमान में उत्तर पश्चिम रेलवे पर 80 महिलाएं सुरक्षा का जिम्मा संभाली हुई है. उप रेलवे के चारों मंडलों, मुख्यालय, कारखाने और भंडारे डिपों और सुरक्षा बल सहित कुल 2640 महिला रेलकर्मी कार्यरत है. गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर 24 घंटे महिलाएं स्टेशन पर काम को अंजाम दे रही है.

महिला सशक्तिकरण की दिशा में रेल मंत्रालय ने गांधीनगर रेलवे स्टेशन को वर्ष फरवरी 2018 में गांधीनगर रेलवे स्टेशन की कमान महिलाओं के हाथ में सौंपी थी. तब से लेकर आज तक महिलाएं रेलवे स्टेशन का संचालन कर रही हैं. शुरूआती दौर में महिलाओं को कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ा था, लेकिन अब धीरे धीरे महिलाएं परिपक्व हो गई हैं.

गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर कार्यरत स्टेशन अधीक्षक नीलम जाटव ने बताया कि महिलाएं किसी से कम नहीं है, जिस तरह से हम लोग काम कर रहे हैं, वैसे सभी महिलाएं कर सकती हैं. इस काम के लिए पुरुषों के बराबर ट्रेनिंग दी गई है, जिससे किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता. कोई भी कार्य करना असंभव नहीं है.

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गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ थाने की इंचार्ज नीलू गोठवाल ने बताया कि गांधीनगर रेलवे स्टेशन पूर्णतया महिला स्टेशन है जहां पर महिला कर्मियों को ही 24 घंटे ड्यूटी करनी पड़ती है. आरपीएफ थाने में तैनात महिला पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी को बखूबी से निभाती है, और पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी महिला स्टॉप पर ही है. 2 साल पहले जब गांधीनगर रेलवे स्टेशन को महिलाएं स्टेशन बनाया गया तो शुरुआती दौर में काफी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा था, लेकिन अब आत्मविश्वास के साथ काम कर रहे हैं. छोटी-मोटी समस्याओं को आराम से निपट लेते हैं. उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि महिलाएं किसी से कम नहीं है. महिलाओं को अपनी शक्ति पहचानने की जरूरत है. महिलाएं अपनी शक्ति को पहचान कर आगे बढ़े इससे पूरे परिवार का मनोबल बढ़ेगा.