देश की मिट्टी से बन रहीं तिरंगे वाली राखियां, PM मोदी वाली इस खास राखी की बढ़ी डिमांड

राखी का त्योहार आ रहा है और इस बार राखी में देश का रंग देखने को मिलेगा. रक्षा बंधन पर इस बार बहनें अपने भाई की कलाई पर देश की राखी बांधेंगी . 

देश की मिट्टी से बन रहीं तिरंगे वाली राखियां, PM मोदी वाली इस खास राखी की बढ़ी डिमांड

नई दिल्ली: राखी (Rakhi) का त्योहार आ रहा है और इस बार राखी में देश का रंग देखने को मिलेगा. बाजार में  पीएम मोदी (PM Narendra Modi) और तिरंगे वाली राखी खूब बिक रही हैं, इतना ही नहीं, देश की मिट्टी से बनाई जा रही है ये राखियां. रक्षा बंधन पर इस बार बहनें अपने भाई की कलाई पर देश की राखी बांधेंगी . 

मोदी राखी की मांग
बाजारों में इस बार मोदी राखी की धूम है. प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीरों वाली ये राखी खूब डिमांड है. कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स ने देश के जवानों के लिए मोदी और तिरंगे की राखी बनवाई थी जो कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को दी गईं. लेकिन इसके बाद देशभर से व्यापारी मोदी राखी की मांग कर रहे हैं. 

कैट की महिला अध्यक्ष पूनम खंडेलवाल का कहना है की  जिस तरह प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना से निपटने के लिए कदम उठाए और उसके बाद चीन के खिलाफ स्टैंड लेकर हमारे जवानों का हौसला बढ़ाया, हम बहनों का प्यार है उनके लिए. और इस बार रखी पर हम अपना प्यार और सम्मान मोदी जी तक राखी के जरिए पहुंचाना चाहते हैं.

PM modi Rakhi

तिरंगे वाली राखी भी इस साल खूब डिमांड में
मोदी राखी के साथ साथ तिरंगे वाली राखी भी इस साल खूब डिमांड में है. गलवान घाटी में चीन की हरकत के बाद लोगों में गुस्से में हैं. और इस बार रक्षा बंधन पर बहनें न सिर्फ अपने भाइयों को राखी बांधेंगी, बल्कि चीन के खिलाफ एक संदेश भी देंगी और वो संदेश इस राखी पर है. संदेश ये है कि पीओके हमारा है, अक्साई चीन हमारा है. 

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इस राखी की खास बात ये है कि ये भारत की मिट्टी से बनाई गई है. आज कारगिल विजय दिवस पर कैट की तरफ से राखियां खास देश के नाम बनाई गईं. इस राखी में तिरंगे के साथ देश की मिट्टी और तुलसी के बीज हैं जिसे रक्षा बंधन के बाद उतार कर गमले में लगाने पर तुलसी का पौधा उगेगा. बहनें इस राखी को घर में भी बना सकती हैं.

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि मोदी राखी बहुत डिमांड में है. देशभर में ट्रेडर्स ये राखियां मांग रहे हैं, पहले हमने इसे सिर्फ इसलिए बनाया था ताकि बॉर्डर पर हमारे जवानों को भेज सकें लेकिन उसके बाद देशभर से डिमांड आनी शुरू हो गई है.

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