Advertisement
trendingNow1595204

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू बोले- भारत को एक सूत्र में बांधने वाली भाषा है संस्कृत

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि संस्कृत भारत को एक सूत्र में बांधने वाली भाषा है, जिसमें देश के ज्ञान-विज्ञान का खजाना समाहित है. 

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू बोले- भारत को एक सूत्र में बांधने वाली भाषा है संस्कृत

नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि संस्कृत भारत को एक सूत्र में बांधने वाली भाषा है, जिसमें देश के ज्ञान-विज्ञान का खजाना समाहित है. उपराष्ट्रपति देश की राजधानी दिल्ली स्थित छतरपुर मंदिर में चल रहे संस्कृत भारती विश्व सम्मेलन के विशेष अधिवेशन में बोल रहे थे.उन्होंने कहा, "संस्कृत भारत को जोड़ने वाली भाषा है. भारतीय ज्ञान-विज्ञान संस्कृत भाषा में है. हमें हमारे ऋषि-मुनियों का ज्ञान प्रयोग में लाना चाहिए. दुनिया की सारी समस्याओं का हल संस्कृत में है. दुनियाभर में संस्कृ त का अध्ययन-अध्यापन होता है और इस भाषा में शोध हो रहा है."

नायडू ने कहा, "देशवासियों से मेरी अपील है कि संस्कृत भारती के संभाषण आंदोलन में हमें सहयोग करना चाहिए." उन्होंने तेलुगू और संस्कृत में निकटता का जिक्र करते हुए कहा, "संस्कृत मैंने नहीं पढ़ी फिर भी मैं संस्कृत समझ सकता हूं. इसलिए संस्कृत को सरल भाषा बनाकर आम बोलचाल की भाषा बनाना है और इसे आगे बढ़ना है. लोगों को मां, जन्मभूमि और मातृभाषा को नहीं छोड़ना चाहिए. हमें संस्कृत को फैशन बनाना है."

इस मौके पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को हिमाचल प्रदेश में संस्कृत को द्वितीय भाषा बनाने के लिए संस्कृत भारती ने सम्मानित किया. ठाकुर ने कहा कि संस्कृत भारत की ही नहीं विश्व की भाषा हो सकती है.

Add Zee News as a Preferred Source

उन्होंने हिमाचल प्रदेश में संस्कृत विश्वविद्यालय खोलने की बात कही. सम्मेलन में पहुंचे जूना पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर अवधेशानंद ने कहा कि विश्व में ज्ञान का पर्याय संस्कृत भाषा है. इसमें कालगणना, सुनने का बोध, शास्त्र, परमपुरुष का ज्ञान और सर्वव्यापी सत्ता इत्यादि सभी का ज्ञान है.

संस्कृत भारती के नवनियुक्त अखिल भारतीय अध्यक्ष गोपबंधु मिश्र ने कहा कि संस्कृत भाषा सारी भाषाओं के लिए प्रकाश है और संस्कृत भारती कार्यकर्ताओं के अन्तस्तल में संस्कृत विद्यमान है.

इस मौके पर संस्कृत भारती के अखिल भारतीय महामंत्री श्रीशदेव पुजारी, उपाध्यक्ष श्रीनिवास वरखेड़ी अखिल भारतीय, संगठन मंत्री दिनेश कामत, सांसद मनोज तिवारी, अखिल भारतीय संस्कृत साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. रमाकान्त गोस्वामी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी, दिल्ली संस्कृत भारती के अध्यक्ष प्रो. रमेश कुमार पांडेय, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न संस्थाओं के अध्यक्ष और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.

संस्कृत भारती द्वारा विश्व सम्मेलन में 'विश्वे संस्कृत' विषय पर आयोजित प्रदर्शनी में देश विदेश में संस्कृत के प्रचार-प्रसार के कार्यो को दर्शाया गया है.

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Zee News Hindi पर. Hindi News और India News in Hindi के लिए जुड़े रहें हमारे साथ.

About the Author
author img
Krishna Chandra Pandey

कृष्णा पांडेय, ज़ी न्यूज़ डिजिटल में चीफ सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. वह राजनीति, अंतरराष्ट्रीय मामलों, क्राइम, और फीचर जैसे कई बीट्स पर काम करते हैं. इनकी खासियत है इन-डेप्थ एक्सप्लेनर और संवे...और पढ़ें

TAGS

Trending news