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राजीव गांधी ने संस्थानों का इस्तेमाल किसी को डराने के लिए नहीं किया: सोनिया गांधी

सोनिया गांधी ने कहा कि राजीव जी ने खेती में भी विज्ञान और तकनीक का उपयोग करके देश को सशक्त बनाया

राजीव गांधी ने संस्थानों का इस्तेमाल किसी को डराने के लिए नहीं किया: सोनिया गांधी
(फोटो साभार - @INCIndia)

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 75वीं जयंति पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए सोनिया गांधी ने  कहा कि उनकी कल्पना का भारत अनेकता और एकता को एक साथ रखने वाला भारत था. सोनिया गांधी ने कहा कि राजीव जी ने खेती में भी विज्ञान और तकनीक का उपयोग करके देश को सशक्त बनाया

सोनिया गांधी ने कहा कि राजीव गांधी ने भारत को बुनियादी रूप में मजबूत बनाया. यह उनकी प्रतिबद्धता थी कि युवआों को 18 साल में वोट डालने का अधिकार मिला. यह उन्हीं का सपना था कि पंचायतें मजबूत होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि , न ही संस्थानों का इस्तेमाल किसी को डराने के लिए किया. सोनिया गांधी ने कहा कि नियति ने 28 साल पहले बर्बरता से हमसे छीन लिया, मगर उनकी यादें; उनकी सोच आज भी हमारे साथ है. 

सोनिया ने कहा, '1986 में राजीव गांधी जी ने शिक्षा नीति लाकर देश की शिक्षा को नई दिशा दी। राजीव जी द्वारा स्थापित जवाहर नवोदय विद्यालय आज देश का गौरव हैं, जहाँ असंख्य ग्रामीण बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं.'

सोनिया गांधी ने कहा, 'भारत की अर्थव्यवस्था का उदारीकरण और विश्वव्यापी करने का पहला क़दम राजीव जी ने उठाया, मगर वे इस बात के लिए भी सचेत रहे, कि अगर भारत को दुनिया के मंच पर विशेष स्थान हासिल करना है, तो उसे स्वयं समावेशी बनकर रहना होगा। यह काम घमंड दिखाकर, सिर्फ नारे लगाकर नहीं, कर्म और आचरण से करके दिखाना होगा।'

राजीव ने सालों के संघर्ष को समाप्त करने वाले समझौतों पर हस्ताक्षर किए: राहुल
कांग्रेस के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी ने गुरुवार को अपने पिता व पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के पंजाब, असम व मिजोरम शांति समझौतों पर हस्ताक्षर में भूमिका को लेकर याद किया. इन समझौतों ने सालों के संघर्ष व हिंसा को खत्म करने में मदद की. 

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'राजीव गांधी जी की कई उपलब्धियों में पंजाब, असम व मिजोरम समझौते भी हैं, जिससे सालों की हिंसा व संघर्ष को खत्म करने में सहायता मिली. आपसी सम्मान, समझ और शांतिपूर्ण सह अस्तित्व की नींव पर निर्मित इन समझौतों ने भारतीय संघ को मजबूत किया.'

राजीव गांधी ने जुलाई 1985 में पंजाब समझौते पर हस्ताक्षर किया, जिसके जरिए सरकार ने सहमति दी कि चंडीगढ़ को पंजाब को स्थानांतरित किया जाएगा और राज्य विधानसभा के चुनाव इसी साल सितंबर में कराए गए.

असम समझौता एक मेमोरंडम ऑफ सेटेलमेंट (एमओएस) था. इस पर प्रधानमंत्री राजीव गांधी की अगुवाई में केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों व असम मूवमेंट के नेताओं के बीच नई दिल्ली में 15 अगस्त 1985 को हस्ताक्षर किया गया.

मिजोरम समझौते पर भारत सरकार व मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के बीच 1986 में हस्ताक्षर किया गया. यह समझौता मिजोरम में हिंसा व विद्रोह को समाप्त करने के लिए किया गया.