close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

भूमि पेडनेकर ने की शूटर दादियों की जमकर तारीफ, कहा कुछ ऐसा...

भूमि ने कहा, 'सांड की आंख' महिलाओं के प्रति समानता की गंभीरता से बात करता है. जब से हमें याद है, तब से महिलाओं के साथ असामनता हो रही है.'

भूमि पेडनेकर ने की शूटर दादियों की जमकर तारीफ, कहा कुछ ऐसा...
यह फिल्म 25 अक्टूबर को रिलीज हो रही है.

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर अपनी अगली फिल्म 'सांड की आंख' की रिलीज की तैयारी में बिजी हैं. भूमि का मानना है कि महिलाओं के प्रति गैर बराबरी का मुद्दा आज भी एक हकीकत है. हालांकि भूमि को उम्मीद है कि बेटियों का मान बढ़ाने और जिस हिसाब से लोग बेटियों के बारे में सोचते हैं, उसे कुछ हद तक यह फिल्म बदल पाएगी. 

साथ ही भूमि पेडनेकर ने कहा, 'सांड की आंख' महिलाओं के प्रति समानता की गंभीरता से बात करता है. जब से हमें याद है, तब से महिलाओं के साथ असामनता हो रही है.  हमारे देश में इस रूढ़िवादी सोच को कुछ साहसी और संकल्प वाली महिलाओं ने खत्म किया है. इन महिलाओं ने एक क्रांति शुरू की.'

भूमि पेडनेकर ने आगे कहा, 'और कुछ ऐसा ही तोमर बहनों ने किया. अनजाने में, वह एक ऐसी सिस्टम का हिस्सा थीं, जो उन्हें किसी भी तरह का कोई अवसर प्रदान नहीं करती थी क्योंकि ये समाज भलाई नहीं चाहती थी, लेकिन वे ऐसा अपनी बेटियों और पोतियों के लिए नहीं चाहती थी.' 'सांड की आंख' चंद्रो तोमर और प्रकाशी तोमर पर आधारित है जो उत्तर प्रदेश से हैं जिन्हें शूटर दादियां ने नाम से जाना जाता है.

भूमि पेडनेकर ने कहा, '60 साल की उम्र में इन दोनों ने ऐसा सफर शुरू किया जिससे इनकी ताकत का पता चलता है. इनके कारण कई लड़कियों को प्रेरणा भी मिली. इन्होंने पुरूष प्रधान समाज की बेड़ियां तोड़ीं. हंसते, खेलते और कभी न थककर इन दोनों ने न केवल अपनी बेटियों के लिए बल्कि 50,000 से अधिक बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए रास्ता बनाया. वे दोनों प्यार, गर्मजोशी, उम्मीद और सभी पॉजिटिविटी से लबरेज हैं. दोनों बेहद ही मजेदार और जिंदादिल हैं. उनकी कहानी कुछ ऐसी है जिसे याद किया जाना चाहिए.' यह फिल्म 25 अक्टूबर को रिलीज हो रही है.