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चुनाव प्रचार कर रहीं BJP नेत्री को हुई भूलक्कड़पन की बीमारी, भूल गई प्रत्याशी का नाम

मंडावा विधानसभा उप चुनाव में प्रचार के लिए झुंझुनूं पहुंची महिला बीजेपी की प्रदेश अध्यक्ष की भूलक्कड़पन की कहानी जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. 

चुनाव प्रचार कर रहीं BJP नेत्री को हुई भूलक्कड़पन की बीमारी, भूल गई प्रत्याशी का नाम
झुंझुनूं में प्रेस वार्ता के दौरान महिला बीजेपी की प्रदेश अध्यक्ष मधु शर्मा.

संदीप केडिया, झुंझुनूं: झुंझुनूं(Jhunjhunu) के मंडावा विधानसभा सीट पर उप चुनाव को लेकर बीजेपी नेताओं का दौरा जारी है. लेकिन लगता है कि ये सभी नेता अपना कोरम पूरा करने के लिए आ रहे है. वो भी बिना किसी तैयारी के.

बात बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष मधु शर्मा की कर रहे हैं. जिन्होंने बीजेपी कार्यालय में प्रेस वार्ता में जो बातें कहीं, वो कम से कम झुंझुनूं के किसी भी व्यक्ति के गले से नहीं उतर रही. उनकी तैयारी चुनाव को लेकर कैसी है? उसकी पोल तो तब ही खुल गई. जब उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी को जाट से यादव बना दिया. उन्होंने कहा कि मंडावा की प्रत्याशी सुशीला यादव के पक्ष में अधिक से अधिक मतदान करवाएंगी. जबकि पार्टी प्रत्याशी सुशीला सीगड़ा है. जो जाट समुदाय से आती हैं.

बहरहाल, इसके अलावा भी मधु शर्मा ने जो बातें कहीं. वो भी अटपटी के साथ मजाक का विषय बन गई है. उन्होंने कहा कि मंडावा में 45 हजार के करीब उनकी मुस्लिम बहनें है. जो धारा 370 हटने के बाद काफी खुश है. जबकि राजनैतिक विशेषज्ञों की मानें तो मंडावा में कुल मुस्लिम वोटरों की संख्या करीब 45 हजार है. ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या बीजेपी मंडावा में एक भी मुस्लिम पुरुष को मतदाता नहीं मानती या गिनती नहीं.

वहीं, धारा 370 की बजाय तीन तलाक के मुद्दे पर तो मुस्लिम महिलाएं खुश हो सकती है. लेकिन 370 के बारे में तो कम से कम मंडावा की मुस्लिम महिलाओं को पता तक नहीं होगा. वहीं उन्होंने झुंझुनूं के गुणगान करते हुए शहीद परिवारों का जिक्र किया. लेकिन साथ ही कह दिया कि वे इन बलिदान को चुनावों में ले जाएंगी और वोट मांगेंगी. 

अब मैडम को कौन समझाए कि एक तो सेना के शौर्य को लेकर चुनाव आयोग पहले से ही मना कर चुका है और झुंझुनूं में सैनिकों के बलिदान को कभी भी चुनावी मुद्दा तो बनाया ही नहीं जा सकता. बहरहाल, यह भी सच है कि इस तरह बिना तैयारी के आने वाले नेता बीजेपी के वोट बढ़ाने में मदद करें या ना करें, लेकिन बीजेपी की फजीहत कराने में कसर नहीं छोड़ेंगे.

बेनीवाल भी नामांकन के दिन नहीं बोल पा रहे थे सही नाम
इससे पहले बीजेपी प्रत्याशी सुशीला सीगड़ा के नामांकन रैली में पहुंचे आरएलपी नेता हनुमान बेनीवाल भी झुंझुनूं सांसद का नाम सही ढंग से नहीं बोल पा रहे थे. भाषण में तो उन्होंने यह जताने की कोशिश की थी कि वे और सांसद नरेंद्र कुमार बेहद नजदीकी है. साथ ही दिल्ली में उनकी खूब पटती है. लेकिन वे बार-बार नरेंद्रकुमार का नाम नरेंद्र चौधरी पुकार रहे थे. जो झुंझुनूं में शायद ही किसी ने लिया हो. सांसद को नरेंद्र कुमार और नरेंद्र खीचड़ के नाम से ही जाना और पहचाना जाता है. लेकिन वे जाट समुदाय से आते है. इसलिए हनुमान बेनीवाल उनका सही नाम लेने की बजाय, बार-बार नरेंद्र चौधरी पुकार रहे थे.