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नगर परिषद की बाड़मेर को सौगात, दिवाली तक मिलेगी आवारा पशुओं से निजात

सालों से आवारा पशुओं की समस्या से जूझ रहे बाड़मेर(Barmer) शहरवासियों को आगामी दिवाली पर्व तक आवारा पशुओं की धमाचौकड़ी से निजात मिल पाएगी. 

नगर परिषद की बाड़मेर को सौगात, दिवाली तक मिलेगी आवारा पशुओं से निजात
इस अभियान को सफल बनाने के लिए 2 टीमों का गठन किया गया है.

भूपेश आचार्य, बाड़मेर: सालों से आवारा पशुओं(Stray Animals) की समस्या से जूझ रहे बाड़मेर(Barmer) शहरवासियों को आगामी दिवाली पर्व तक आवारा पशुओं की धमाचौकड़ी से निजात मिल पाएगी. इसके लिए नगर परिषद, बाड़मेर ने आवारा पशुओं की धरपकड़ के लिए अभियान शुरू कर दिया है. नगर परिषद की ओर से शहर के गली, मोहल्लों में घूमने वाले आवारा पशुओं का यह धरपकड़ अभियान दीवाली तक चलाई जाएगी.

नंदी गोशाला में शिफ्ट किए जाएंगे आवारा जानवर
नगर परिषद् कर्मचारियों व स्थानीय लोगों की मदद से चलाए जा रहे इस अभियान में आवारा पशुओं को पकड़ा जा रहा है. पकड़े गए आवारा पशुओं को शहर के चौहटन मार्ग स्थित नवनिर्मित नंदी गोशाला में शिफ्ट किया जा रहा है.

नगर परिषद आयुक्त पवन मीणा के अनुसार, इस अभियान को सफल बनाने के लिए 2 टीमों का गठन किया गया है. जिसमें करीब 51 कार्मिक आवारा पशुओं को पकड़ने का कार्य कर रहे हैं.

इस अभियान के तहत अभी तक करीब 250 आवारा पशु पकड़े जा चुके हैं. जिन्हें नंदी गौशाला में शिफ्ट किया जाएगा. नगर परिषद का लक्ष्य दिवाली तक शहर को आवारा पशुओं से मुक्त करना है, ताकि आवारा पशुओॆ की वजह से किसी इंसान की जान न जाये.

शहर के इन इलाकों से हो रही आवारा पशुओं की धरपकड़
जानकारी के अनुसार इस अभियान के जरिए शहर के गांधी चौक, सदर बाजार, जवाहर चौक, ढाणी बाजार, चिंदड़ियो की जाल, मोक्षधाम क्षेत्र, स्टेशन रोड़, अहिंसा सर्किल, सुभाष चौक, चौहटन रोड़ समेत कई इलाकों में आवारा पशुओं की धरपकड़ की जा रही है. जो दिवाली तक लगातार जारी रहेगी.

पालतू पशुओं को खुले में छोड़ने पर पशु मालिक पर लगेगा भारी जुर्माना
नगर परिषद अधिकारीयों के अनुसार, आमजन से अपील की गई है कि अपने पालतू पशुओं को खुले में ना छोड़ें एवं सड़कों पर आवारा पशुओं को चारा ना दें. पालतू पशुओं को खुले में छोड़ने पर नगर परिषद द्वारा उन्हें पकड़ लिया जाएगा और नंदी गोशाला में शिफ्ट कर दिया जाएगा. जिसके बाद पशु मालिक को अपने पशु को मुक्त कराने के लिए भारी जुर्माने का भी भुगतना करना पड़ सकता है.

Laxmi Upadhyay, News Desk