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चक्रवात वायु: ओडिशा ने गुजरात को हर तरह की मदद की पेशकश की

गुजरात सरकार ने चक्रवात को देखते हुए सौराष्ट्र और कच्छ के निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है.

चक्रवात वायु: ओडिशा ने गुजरात को हर तरह की मदद की पेशकश की
(फोटो साभार - रॉयटर्स )

भुवनेश्वर: चक्रवात ‘वायु’ के गुजरात तट की ओर बढ़ने के मद्देनजर ओडिशा सरकार ने गुजरात सरकार को हर तरह की मदद की बुधवार को पेशकश की है जिसने चक्रवात को देखते हुए सौराष्ट्र और कच्छ के निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है.

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि गुजरात के मुख्य सचिव जे. एन. सिंह ने ओडिशा के अपने समकक्ष ए. पी. पाधी से फोन पर बात की और युद्ध-स्तर पर चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए ओडिशा से सलाह मांगी.

पाधी ने कहा,‘गुजरात के मुख्य सचिव ने मुझे फोन किया था और चक्रवात के आने से पहले किए जाने वाले उपायों पर चर्चा की. हमने गुजरात को हर तरह की मदद की पेशकश की है. बहरहाल, गुजरात के मुख्य सचिव ने कहा है कि वे स्थिति को ध्यान में रखते हुए अगर जरूरत हुई तो और मदद लेंगे.’

मौसम विभाग के अनुसार, इस बीच, चक्रवात ‘वायु’ एक ‘‘अत्यंत तीव्र चक्रवाती तूफान’’ में तब्दील हो चुका है और गुरुवार की सुबह तक 145 किमी प्रति घंटे से 170 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है.

पश्चिम रेलवे ने तटीय गुजरात इलाके में ट्रेनें कीं निरस्त
पश्चिम रेलवे ने गुजरात के तटीय इलाकों से गुजरने वाली कुछ रेलों को चक्रवात ‘वायु’ से प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर निरस्त करने या फिर उनकी यात्रा बीच में ही समाप्त करने का फैसला किया है.

पश्चिम रेलवे ने एक बुलेटिन में कहा कि इस रेलवे की वेरावल, ओखा, पोरबंदर, भावनगर, भुज और गांधीधाम स्टेशन तक जाने वाली सभी पैसेंजर और मेल ट्रेनें बुधवार शाम छह बजे से शुक्रवार सुबह तक या तो रद्द रहेंगी अथवा उन्हें बीच में ही समाप्त कर दिया जाएगा.

विशेष ट्रेनें चलाएगा पश्चिम रेलवे
इसमें कहा गया है कि पश्चिम रेलवे गांधीधाम, भावनगर पारा, पोरबंदर, वेरावल और ओखा से विशेष रेल चलाएगा ताकि इन इलाकों से लोगों को निकाला जा सके. पश्चिम रेलवे ने कहा कि छह से दस डिब्बों वाली ये विशेष ट्रेनें निकटतम सुरक्षित स्टेशनों पर रोकी गई हैं ताकि उन्हें आपात स्थिति में भेजा जा सके.

इसमें कहा गया है कि इस बात के इंतजाम किए जा रहे हैं कि रेलवे आपातकालीन नियंत्रण कार्यालय 24 घंटे चले.  सभी संबंधित रेल प्रशासन को निर्देश दिये गए हैं कि वह पर्याप्त संख्या में श्रमिक, जेसीबी, पेड़ काटने की मशीन, पानी के टैंक, ट्रैक्टर,जेनरेटर जैसे सामान को तैयार रखें ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका प्रयोग किया जा सके.