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राजस्थान: प्रबंधन की अनदेखी से JCTSL को हो रहा 1 करोड़ से अधिक का नुकसान

टोडी डिपो खुद जेसीटीएसएल की जमीन पर ही संचालित हो रहा है. सांगानेर डिपो को टोडी डिपो से संचालित किया जाए तो प्रबंधन घाटे को कम कर सकता है. 

राजस्थान: प्रबंधन की अनदेखी से JCTSL को हो रहा 1 करोड़ से अधिक का नुकसान

जयपुर: सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (जेसीटीएसएल) को अफसर ही डुबोने में लगे हैं. प्रबंधन की तीन डिपो में से सांगानेर में सबसे ज्यादा घाटा हो रहा है. खास बात है कि सांगानेर डिपो को खुद जेसीटीएसएल ही संचालित कर रहा है. आलम यह है कि तकरीबन 1,72,00,000 खर्च करने के बाद सांगानेर डिपो को 60,00,000 रुपये की आय हो रही है यानी 1,12,00,000 रुपये का घाटा प्रति माह हो रहा है.

इसके अलावा बसों का मेंटेनेंस करने वाली फर्म को भुगतान अलग दिया जा रहा है. इतना खर्चा करने के बाद भी सड़कों पर जनता बसों के लिए परेशान हो रही है. सांगानेर डिपो को जेसीटीएसएल किराए पर चला रहा है. इधर टोडी डिपो खुद जेसीटीएसएल की जमीन पर ही संचालित हो रहा है. सांगानेर डिपो को टोडी डिपो से संचालित किया जाए तो प्रबंधन घाटे को कम कर सकता है. इसके अलावा सांगानेर डिपो में चालक-परिचालक खाली बैठे हैं, इनको विद्याधर और टोडी डिपो में लगाकर बसों को चलवाया जाए. जेसीटीएसएल एमडी शुचि शर्मा का कहना है कि घाटे से उभारने के लिए खटारा बसों को तो हटाया ही जा रहा है.

बहरहाल, सरकार ने आमजनता को सहूलियत देने के लिए जयपुर शहर में लो-फ्लोर बसों का संचालन किया लेकिन जेसीटीएसएल के अधिकारी और कर्मचारियों का काम नहीं करने की नियत ने इसे नुकसान में लाकर खड़ा कर दिया है. दफ्तरों में एसी कमरों में बैठने और एसी कार में घूमने वाले अफसर यदि नुकसान के आंकड़े पर निगाह डालें तो सच्चाई से रूबरू हो सकें या फिर सरकार मोटी तनख्वाह लेने वाले अफसरों पर कोई एक्शन ले.