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अरुण जेटली के निधन के बाद शोक में डूबा ट्विटर, लोगों ने कहा- 'आपको हमेशा याद किया जाएगा'

पेशे से सफल वकील अरुण जेटली ने राजनीतिक जीवन में भी खूब नाम कमाया. उनके निधन से पूरा देश शोक में डूब चुका है.

अरुण जेटली के निधन के बाद शोक में डूबा ट्विटर, लोगों ने कहा- 'आपको हमेशा याद किया जाएगा'
अरुण जेटली का जन्‍म 28 दिसंबर, 1952 को दिल्‍ली में हुआ था.

नई दिल्ली: पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता अरुण जेटली ने शनिवार (24 अगस्त) दोपहर 12.07 बजे एम्स में आखिरी सांस ली. वह 9 अगस्त से एम्स में भर्ती थे. अरुण जेटली 67 वर्ष के थे. उनके निधन के बाद पूरे देश में शोक पसर गया है. उनके निधन की खबर सुन ट्विटर पर लोग अरुण जेटली के प्रति संवेदना प्रकट कर रहे हैं. देश में जीएसटी के रूप में 'एक देश, एक कर' देने में उनकी भूमिका महत्‍वपूर्ण थी. अरुण जेटली अटल बिहारी वाजेपयी की सरकार में भी मंत्री रहे. पेशे से सफल वकील अरुण जेटली ने राजनीतिक जीवन में भी खूब नाम कमाया. उनके निधन से पूरा देश शोक में डूब चुका है. 

बता दें, अरुण जेटली का जन्‍म 28 दिसंबर, 1952 को दिल्‍ली में हुआ था. उनके पिता पेशे से वकील थे. अरुण जेटली ने नई दिल्ली के सेंट जेवियर्स स्कूल से 1957-69 तक पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से बीकॉम किया. उन्‍होंने दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से 1977 में लॉ की पढ़ाई पूरी की. अरुण जेटली लॉ की पढ़ाई के दौर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्र नेता भी थे. डीयू में पढ़ाई के दौरान ही वह 1974 में डीयू स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष बने. छात्र जीवन के दौरान ही उनका रुझान राजनीति की तरफ बढ़ने लगा और उनका राजनीतिक जुड़ाव इस तरह बढ़ा कि वह उनकी अंतिम सांस तक उनके साथ रहा. 24 मई 1982 को उनका संगीता जेटली से विवाह हुआ, जिससे उनके दो बच्चे रोहन और सोनाली जेटली हैं.