नोएडा: DM का फर्जी आदेश बनाने वाले छात्रों को भेजा गया बाल सुधार गृह, बच्चों की DM से साथियों को छोड़ने की गुहार

बताया जा रहा है कि छात्रों ने इस आदेश को सोशल मीडिया के जरिये वायरल कर दिया. जिससे कई स्कूलों में 23 और 24 दिसंबर की छुट्टी हो गई. 

नोएडा: DM का फर्जी आदेश बनाने वाले छात्रों को भेजा गया बाल सुधार गृह, बच्चों की DM से साथियों को छोड़ने की गुहार

नोएडा: तेज दिमाग का इस्तेमाल अच्छे काम के लिए किया जाए तो, वाह-वाही मिलती है, लेकिन उसी दिमाग का इस्तेमाल गलत काम के लिए हो तो जेल भी जाना पड़ सकता है. ऐसा ही एक मामला नोएडा से सामने आया है, जहां 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले दो छात्रों ने डीएम के नाम से लेटर जारी करके 23 और 24 दिसंबर को स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी. जबकि, डीएम ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया था. दोनों छात्रों ने एक ऐप (App) के जरिये डीएम के ही एक सरकारी आदेश में छेड़छाड़ कर उसे छुट्टी घोषित करने वाला आदेश बना दिया था.  

बताया जा रहा है कि छात्रों ने इस आदेश को सोशल मीडिया के जरिये वायरल कर दिया. जिससे कई स्कूलों में 23 और 24 दिसंबर की छुट्टी हो गई. हालांकि, पुलिस द्वारा की गई जांच में इस मामले का पूरा खुलासा हुआ. जिसके बाद गलत सूचना वायरल करने वाले दोनों छात्रों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बाल सुधार गृह भेज दिया गया है. वहीं, छात्रों की गिरफ्तारी को लेकर बड़ी संख्या में छात्र डीएम आवास पहुंचे और डीएम आवास पर धरना दिया. छात्रों ने हाथ जोड़कर, कान पकड़ कर डीएम से माफी मांगते हुए अपने साथियों को छोड़ने की गुहार लगाई. 

 

छात्रों की गिरफ्तारी के विरोध में पहले 100 से अधिक छात्र-छात्राएं कोतवाली सेक्टर-20 पहुंचे. यहां पुलिस ने बताया कि दोनों छात्रों को फेज-टू स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया गया है. इसके बाद सभी छात्र डीएम कैंप ऑफिस पहुंच गए. यहां पर छात्र-छात्राएं अपने कान पकड़कर घंटों बैठे रहे. वह रोते हुए बार-बार गुहार लगा रहे थे कि 'डीएम अंकल खेल-खेल में गलती हो गई, माफ कर दो'. पुलिस ने उन्हें बताया कि उनके दोनों साथियों पर मामला दर्ज कर उन्हें बाल सुधार गृह भेजा जा चुका है. अब इस मामले में कुछ भी नहीं हो सकता है. लेकिन, छात्र डीएम से मिलने पर अड़े रहे.

छात्रों ने कहा कि दोनों से गलती हुई है. दोनों कोई पेशेवर अपराधी नहीं है. धरना दे रहे छात्र-छात्राओं को ये भी कहते सुना गया कि डीएम अंकल ने दोनों का भविष्य खराब कर दिया. पकड़े गए दोनों छात्र विज्ञान के छात्र थे और दो दिन बाद प्रैक्टिकल (Practical) परीक्षा है. इसके बाद बोर्ड की परीक्षाएं हैं. छात्रों की मांग थी कि दोनों छात्रों को चेतावनी देकर छोड़ दिया जाना चाहिए था. देर शाम तक कड़ाके की सर्दी में छात्र-छात्राएं धरना देते रहे. बाद में सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ प्रथम ने मौके पर पहुंचकर छात्र-छात्राओं को बहुत समझाया. अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से भी बात की. बाद में अधिकारियों के समझाने पर छात्र-छात्रा अधिकारियों की बात मानकर घर चले गए.