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बुलंदशहर के DM के घर सहित UP में 12 जगह CBI की छापेमारी, जानें क्या है पूरा मामला

छापेमारी बुलंदशहर, लखनऊ, फतेहपुर, आजमगढ़, इलाहाबाद (प्रयागराज), नोएडा, गोरखपुर और देवरिया में चल रही है. सीबीआई ने इस मामले में दो अलग-अलग मामले भी दर्ज किये है.

बुलंदशहर के DM के घर सहित UP में 12 जगह CBI की छापेमारी, जानें क्या है पूरा मामला
अवैध खनन का ये पूरा मामला सपा सरकार के दौरान साल 2012 से 2016 में हुए अवैध खनन से जुड़ा हुआ है.

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में अवैध खनन मामले में सीबीआई ने 12 जगह छापेमारी कर रही है. छापेमारी बुलंदशहर, लखनऊ, फतेहपुर, आजमगढ़, इलाहाबाद (प्रयागराज), नोएडा, गोरखपुर और देवरिया में चल रही है. सीबीआई ने इस मामले में दो अलग-अलग मामले भी दर्ज किये है. पहला मामला अभय कुमार, (घटना के समय फतेहपुर तैनाती) और मौजूदा समय में बुलंदशहर के जिलाधिकारी के खिलाफ किया गया. दूसरा मामला विवेक कुमार के खिलाफ किया गया है, जो घटना के समय देवरिया के जिलाधिकारी थे. 

अभय कुमार, 2007 बैच के IAS है और 27/09/2013 से 06/06/2014 तक फतेहपुर में जिलाधिकारी के पद पर तैनात थे. आरोप है कि इन्होंने फतेहपुर में तैनाती के दौरान खनन माफियाओं के साथ मिलीभगत कर खनन की मंजूरी दी थी. सीबीआई ने अभय कुमार के बुलंदशहर में सरकारी आवास से 47 लाख रुपये बरामद किए है. नोटों को गिनने के लिए सीबीआई की टीम को नोट गिनने की मशीन मंगवानी पड़ी थी.

विवेक कुमार, 2009 बैच के IAS है और 3/03/2013 से 7/06/2013 तक देवरिया में DM तैनात थे. इन पर भी आरोप है कि इन्होंने खनन माफियाओं के साथ मिल कर खनन की मंजूरी दी थी. विवेक कुमार इस समय लखनऊ में मिशन डायरेक्टर, स्किल डेवलोपमेंट मिशन, और डायरेक्टर ट्रेनिंग और रोजगार के पर पर तैनात है. सीबीआई ने इनके पास से संपति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए है. 

आजमगढ़ में तैनात सीडीओ देवी शरण उपाध्याय के यहां से सीबीआई को 10 लाख रुपये मिले है. देवीशरण 1997 बैच के यूपी सिविल सर्विस के अधिकारी है और 27/10/2012 से 12/04/2013 तक एडीएम देवरिया तैनात थे. 

अवैध खनन का ये पूरा मामला सपा सरकार के दौरान साल 2012 से 2016 में हुए अवैध खनन से जुड़ा हुआ है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने 2 जनवरी 2019 को पहला मामला दर्ज किया था, जिसमें 2008 बैच की IAS बी चंद्रकला का भी नाम है. 

आरोप है कि NGT के रोक के आदेश के बावजूद इन अधिकारियों ने अवैध खनन होने दिया, जिनके पास पहले से खनन का पट्टा था, उन्हें रिन्यू किया और खनन को होने दिया गया. कुछ जगहों पर बिना मंजूरी के भी खनन को अधिकारियों ने खनन माफियाओं के साथ मिल कर होने गिया गया. सीबीआई इस मामले में जनवरी और जून महीने में बी चंद्रकला समेत यूपी में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति और पूर्व लोकसभा एमपी घनश्याम अनुरागी के यहां छापे मारी कर चुकी है.