विवाहिता की जलाकर हत्या का आरोप हुआ साबित, कोर्ट ने पति और सास-ससुर को सुनाई ये सजा

24 जनवरी 2017 को शाम करीब पौने छह बजे मृतका के पति हरिओम, ससुर दिगम्बर सिंह एवं सास चंद्रवती ने उसकी जलाकर हत्या कर दी.

विवाहिता की जलाकर हत्या का आरोप हुआ साबित, कोर्ट ने पति और सास-ससुर को सुनाई ये सजा
फाइल फोटो

मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने हाईवे थाना क्षेत्र में दो साल पूर्व दहेज उत्पीड़न के बाद विवाहिता की जलाकर हत्या कर देने के मामले में दोषी पाए गए पति को आजीवन कारावास एवं 13 हजार रुपए जुर्माने समेत सास-ससुर को 10-10 साल के कारावास एवं तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.

अपर जिला जज एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के सहायक जिला अभियोजन अधिकारी भगत सिंह आर्य ने बताया, ‘‘थाना हाईवे में मृतका ममता के चाचा सुंदर सिंह द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने अपनी भतीजी ममता की शादी 17 जून 2014 को ग्राम जुनसुटी निवासी हरिओम पुत्र दिगम्बर सिंह के साथ बड़ी धूमधाम से की थी.’’ उनका कहना था कि ससुराल के लोग उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे. इस बात की शिकायत ममता ने कई बार की थी. इस पर उन्होंने एक गाय एवं भैंस देकर समझा कर बेटी को ससुराल भेज दिया था. लेकिन फिर भी ससुराल वाले उससे दहेज की मांग करते रहे.

24 जनवरी 2017 को शाम करीब पौने छह बजे मृतका के पति हरिओम, ससुर दिगम्बर सिंह एवं सास चंद्रवती ने उसकी जलाकर हत्या कर दी. इस बात की जानकारी जब उन्हें हुई तो वह उसकी ससुराल पहुंचे. जहां उसकी लाश जमीन पर जली हुई हुई अवस्था में पड़ी थी.

एडीजे (एफटीसी) आंचल लवानियां ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य, दोनों पक्षों के गवाह एवं तथ्यों के आधार पर मृतका के पति हरिओम, सास चंद्रवती एवं ससुर दिगम्बर सिंह को दहेज उत्पीड़न एवं हत्या के मामले में आरोपी सिद्ध करते हुए क्रमशः आजीवन कारावास तथा 13 हजार का जुर्माना व 10-10 वर्ष की कैद तथा 3-3 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई. एडीजीसी (क्रिमिनल) भगत सिंह आर्य के अनुसार अब तक जेल में बिताई गई अवधि सजा में शामिल मानी जाएगी.