UP BUDGET 2019: इन सात जिलों को योगी सरकार ने दिया मेट्रो रेल का तोहफा

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरीडोर 'रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम' परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

UP BUDGET 2019: इन सात जिलों को योगी सरकार ने दिया मेट्रो रेल का तोहफा
फाइल फोटो

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार (07 फरवरी) को पेश बजट में कानपुर, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज सहित सात जिलों को मेट्रो रेल का तोहफा दिया है. वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट पेश किया. बजट में कानपुर और आगरा मेट्रो रेल परियोजनायों के लिए 175-175 करोड़ रुपये प्रस्ताव किया गया है. बजट में वाराणसी, मेरठ, गोरखपुर, प्रयागराज एवं झाँसी में मेट्रो रेल परियोजनाओं के प्रारम्भिक कार्यों के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरीडोर 'रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम' परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने राजधानी में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है. वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल की ओर से विधानसभा में गुरुवार को पेश 2019-20 के बजट में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय-लखनऊ की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है, जबकि प्रदेश में एक आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है.

बजट में प्रदेश के चिन्हित जिला चिकित्सालयों को मेडिकल कॉलेजों में उच्चीकृत किये जाने की योजना के तहत 908 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है. राजधानी स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के विभिन्न कार्यों हेतु 907 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया, जबकि बलरामपुर जिले में किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के सेटेलाइट सेण्टर की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

राजधानी के ही संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के विभिन्न कार्यों के लिए 854 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था है. वहीं, लखनऊ स्थित राम मनोहर लोहिया संस्थान के लिए 396 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. बजट में सैफई स्थित ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान के लिए 357 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. राजधानी लखनऊ के कैंसर संस्थान के विस्तार एवं विकास हेतु 248 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है.