दिल्ली में बवाल, 3 बसें फूंकीं; पुलिस ने कहा- तैयारी के साथ आए थे कुछ उपद्रवी
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दिल्ली में बवाल, 3 बसें फूंकीं; पुलिस ने कहा- तैयारी के साथ आए थे कुछ उपद्रवी

डीसीपी ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारी तैयारी के साथ आए थे.

दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में भरत नगर के पास प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी. (फोटो: ANI)

नई दिल्ली: नागरिकता (संशोधन) कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल के बाद अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जामिया और शाहीन बाग इलाके में भी हिंसक विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया है. इस कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने जामिया से सटे जसोला में 3 बसों को फूंक दिया और आग बुझाने पहुंची फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों पर भी हमला कर दिया, जिसमें दो अग्निशमन कर्मियों को चोटें आई हैं. वे अस्पताल में हैं. 

मौके पर पुलिसकर्मियों पर जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के कैंपस में मौजूद छात्रों ने पथराव कर दिया. हमले में 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि हमले के बाद कई उपद्रवी यूनिवर्सिटी में घुस गए. उन्हें पकड़ने के लिए पुलिसबल ने यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर की ओर रुख किया.

डीसीपी साउथ ईस्ट दिल्ली चिन्मय बिस्वाल ने बताया, कुछ प्रदर्शनकारी तैयारी के साथ आए थे, उन्होंने ही बसों में आग लगाई. उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. डीसीपी ने कहा कि इस पूरे प्रदर्शन के दौरान 6 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए. वहीं, उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर किसी तरह की फायरिंग की बात से इनकार कर दिया.

दिल्ली के पुलिस के अफसर ने कहा कि नागरिकता कानून का विरोध करने के लिए दोपहर में 2 हजार से ज्यादा लोग जमा हुए थे. इसके बाद शाम होते ही प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और उन्होंने बाइक व बसों में आग लगा दी. इसके बाद उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया.

वहीं, जामिया यूनिवर्सिटी के प्रशासन का अपनी सफाई में कहना है कि हिंसा में उनके छात्र शामिल नहीं हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर  वसीम अहमद खान का आरोप है कि पुलिस ने बल द्वारा परिसर में प्रवेश किया गया है, कोई अनुमति नहीं ली गई थी. हमारे कर्मचारियों और छात्रों को पीटा जा रहा है और परिसर छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है.

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मेट्रो स्टेशन बंद
जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी इलाके की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में उग्र प्रदर्शन और पथराव के चलते सरिता विहार-कालिंदी कुंज रोड पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया. प्रदर्शनकारियों ने निजी वाहनों के अलावा सरकारी संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचाया है. एहतियात बरतते हुए पुलिस ने इलाके के सुखदेव विहार, आश्रम मेट्रो स्टेशन का गेट नंबर-3 को बंद करा दिया है. सुखदेव विहार में ट्रेनों का ठहराव नहीं होगा.

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पथराव में घायल अपने साथी को ले जाते पुलिसकर्मी.

सभी आवागमन बंद
प्रदर्शनकारियों ने मथुरा डोर के विपरीत न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के दोनों रास्तों को जाम कर दिया. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ट्वीट किया कि ओखला अंडरपास से सरिता विहार के लिए सभी आवागमन बंद है. ट्वीट में कहा गया, "बदरपुर की तरफ से आने वाले कार सवार लोगों को मोदी मिल फ्लाईओवर व सीआरआरआई की तरफ से आने वालों को नेहरू प्लेस की तरफ जाने की सलाह दी जाती है. आश्रम चौक की तरफ से आने वाले को रिंग रोड, मूलचंद फ्लाईओवर व बीआरटी कॉरिडोर या डीएनडी फ्लाईओवर की तरफ जाने का सुझाव दिया जाता है."

पुलिस बल मौके पर
सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. सुरक्षाकर्मी हिंसक प्रदर्शन कर रहे उपद्रवियों को आंसू गैस छोड़कर खदेड़ने में जुटे हैं. वहीं, पुलिस के आला अफसर हंगामा खड़ा करने वाले लोगों से कानून हाथ में न लेने की अपील कर रहे हैं.

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आरोप-प्रत्यारोप
बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान पर हिंसा फैलाने का आरोप लगाया है. आप विधायक ने अपनी सफाई में कहा है कि वह घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे. वहीं, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी का कहना है कि सीएम अरविंद केजरीवाल के इशारे पर विधायक हिंसा भड़का रहे हैं.

हिंसा में छात्र शामिल नहीं
वहीं, जामिया के टीचर्स ने अपने बयान में कहा है कि हिंसक प्रदर्शन में यूनिवर्सिटी के छात्रों का हाथ नहीं है. इस हिंसा की हम निंदा करते हैं.

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