कोलकाता में पुलिस ने सभी सीबीआई अफसर छोड़े, CBI दफ्तरों पर सीआरपीएफ तैनात

सीबीआई के क्षेत्रीय दफ्तरों पर सीआरपीएफ की तैनाती हो गई. इससे पहले इन दफ्तरों को पुलि‍स ने घेरा हुआ था.

कोलकाता में पुलिस ने सभी सीबीआई अफसर छोड़े, CBI दफ्तरों पर सीआरपीएफ तैनात

कोलकाता: एक अभूतपूर्व घटनाक्रम में चिटफंड घोटालों के सिलसिले में कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से पूछताछ के लिए पहुंची केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों की एक टीम को रविवार को पुलिस की जीपों में बिठा कर एक पुलिस थाने ले जाया गया और फिर उन्हें वहां हिरासत में ले लिया गया. इसके बाद ममता बनर्जी कोलकाता पुलिस कमिश्‍नर से मिलने पहुंचीं. इसके बाद वह केंद्र सरकार के खिलाफ हमला बोलते हुए धरने पर बैठ गईं. इसके बाद सीबीआई के सभी अधिकारियों को छोड़ दिया गया.

इसके साथ ही सीबीआई के क्षेत्रीय दफ्तरों पर सीआरपीएफ की तैनाती हो गई. इससे पहले इन दफ्तरों को पुलि‍स ने घेरा हुआ था.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के बीच बढ़ते तनाव के बीच मध्य कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट में राज्य पुलिस और सीबीआई के बीच टकराव के हालात देखने को मिले.  सीबीआई के सूत्रों ने दावा किया कि उसके कुछ अधिकारियों को कुमार के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास से जबरन कहीं और ले जाकर गिरफ्तार किया गया, जबकि राज्य के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस दावे को नकारते हुए कहा कि उन्हें इस बात की जांच के लिए पुलिस थाने ले जाया गया था कि क्या उनके पास कुमार से पूछताछ के लिए जरूरी दस्तावेज हैं.

सड़क पर हो रही इस सियासत के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कुमार के आवास पर पहुंचीं. वह पहले ही कुमार के प्रति अपना समर्थन व्यक्त कर चुकी थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ‘‘पुलिस एवं अन्य सभी संस्थाओं पर नियंत्रण हासिल करने के लिए सत्ता का गलत इस्तेमाल कर रही है.’

राज्य में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा संवैधानिक तख्तापलट की तैयारी कर रही है? सीबीआई के 40 अधिकारी कोलकाता के पुलिस आयुक्त के आवास को घेर लेते हैं. संस्थाओं की बर्बादी धड़ल्ले से जारी है. सोमवार को संसद में हमारी मांग..मोदी को जाना होगा. हम लोकतंत्र बचाना चाह रही सारी विपक्षी पार्टियों से इस मुद्दे पर संपर्क कर रहे हैं और घटना के बारे में जानकारी साझा कर रहे हैं.’

पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वीरेंद्र और एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) अनुज शर्मा भी कुमार के आवास पर पहुंचे. जैसे को तैसा वाली कार्रवाई करते हुए कोलकाता के पुलिस अधिकारियों की एक टीम सीजीओ कॉम्प्लेक्स (सीबीआई का राज्य मुख्यालय) पहुंच गई.

यह सारा घटनाक्रम बहुत तेजी से उस वक्त शुरू हुआ जब सीबीआई के 40 अधिकारियों की एक टीम आज शाम कुमार के आवास पर पहुंची, लेकिन वहां तैनात संतरियों एवं कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया. सीबीआई ने शनिवार को दावा किया था कि कुमार ‘फरार’ चल रहे हैं और शारदा एवं रोज वैली चिटफंड घोटालों के सिलसिले में उनकी ‘‘तलाश’’ की जा रही है.

कुछ ही देर बाद कोलकाता पुलिस के अधिकारियों की एक टीम सीबीआई अधिकारियों से बातचीत के लिए मौके पर पहुंची और यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या उनके पास कुमार से पूछताछ करने के लिए जरूरी दस्तावेज थे. पुलिस आयुक्त के आवास के बाहर खड़े सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘हम इस मुद्दे पर अभी कोई बात नहीं करना चाहते. देखते हैं कि क्या होता है. थोड़ा इंतजार करें.’

बाद में सीबीआई अधिकारियों की एक छोटी सी टीम को चर्चा के लिए शेक्सपियर सरनी पुलिस थाने ले जाया गया. इसके बाद कुछ और लोग मौके पर पहुंचे और हंगामा पैदा हो गया. फिर कुछ सीबीआई अधिकारियों को जबरन पुलिस की जीपों में बिठाकर एक पुलिस थाने ले जाया गया.

input : Bhasha