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सुरक्षा परिषद सुधार प्रक्रिया में नई जान डालने पर होगा जोर : UNGA अध्यक्ष

गार्सेस ने कहा कि पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात के दौरान जलवायु परिवर्तन, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और विकासशील देशों के बीच सहयोग जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों के साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार का मुद्दा चर्चा के लिए आया. 

सुरक्षा परिषद सुधार प्रक्रिया में नई जान डालने पर होगा जोर : UNGA अध्यक्ष
गार्सेस ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री सभी चुनौतियों से पूरी तरह अवगत हैं.(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधारों को एक ‘‘बड़ी चुनौती’’ करार देते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा (यू एन जी ए) की नवनिर्वाचित अध्यक्ष मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा गार्सेस ने आज कहा कि वह अपने कार्यकाल के दौरान ‘‘विभाजक’’ मुद्दे पर सर्वसम्मति बनाने के लिए वार्ता पर जोर देंगी और प्रक्रिया में नयी जान डालेंगी. गार्सेस ने कहा कि पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात के दौरान जलवायु परिवर्तन, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और विकासशील देशों के बीच सहयोग जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों के साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार का मुद्दा चर्चा के लिए आया. यहां इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स में आयोजित एक कार्यक्रम में गार्सेस ने सुरक्षा परिषद सुधार की प्रक्रिया के काफी समय से लंबित होने के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह एक लंबित मामला है-बहुत ही विवादास्पद, बहुत ही विभाजक.

मेरी भूमिका सदस्य देशों को ध्यान से सुनने की होने जा रही है .  सुरक्षा परिषद सुधार बहुत ही जटिल प्रक्रिया है, और मैं सवर्सम्मति बनाने तथा इसमें नयी जान डालने के लिए पूरा प्रयास करूंगी.’’ यह उल्लेख करते हुए कि यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें 25 साल से अधिक का समय लग चुका है, गार्सेस ने कहा कि संगठन के लिए यह ‘‘बड़ी चुनौतियों’’ में से एक है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी भूमिका को एक सहायक, एक संयोजक, एक सेतु के रूप में इस्तेमाल करूंगी और मुद्दे पर विभिन्न स्थितियों को करीब लाऊंगी.’’

भारत की विजय लक्ष्मी पंडित संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली महिला अध्यक्ष थीं. प्रधानमंत्री के साथ अपनी मुलाकात और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंध में दोनों के बीच हुई चर्चा के बारे में पूछे जाने पर गार्सेस ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री सभी चुनौतियों से पूरी तरह अवगत हैं जो संयुक्त राष्ट्र के सामने हैं. नि:संदेह एक लंबित मुद्दा सुरक्षा परिषद सुधार प्रक्रिया का है.’’

भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान एक विस्तारित सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य बनने की आकांक्षा रखते हैं. जी-4 के रूप में जाने जाने वाले ये देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के लिए एक-दूसरे का समर्थन कर रहे हैं. गार्सेस 10 से 14 अगस्त तक भारत यात्रा पर हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी मुलाकात के दौरान बहुपक्षीय एजेंडे के विभिन्न मुद्दों तथा महासभा अध्यक्ष के रूप में उनकी सात प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई. संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73वें सत्र की निर्वाचित अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ यूएनजीए में भी नयी जान डालने पर चर्चा की. 

इनपुट भाषा से भी