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ZEE Jaankari: वायुसेना प्रमुख ने पाकिस्तान को दी बालाकोट पार्ट टू की चेतावनी

देश के दुश्मनों को शक्ति और शौर्य दिखाने के लिए ये ज़रूरी नहीं है कि युद्ध किया जाए. कई बार जश्न भी शक्ति प्रदर्शन का काम कर देता है. 4 दिनों के बाद भारतीय वायु सेना अपना स्थापना दिवस मनाएगी लेकिन इसके पहले आज Air Chief Marshal, राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने पाकिस्तान को बालाकोट Part Two की चेतावनी दी है.

ZEE Jaankari: वायुसेना प्रमुख ने पाकिस्तान को दी बालाकोट पार्ट टू की चेतावनी

देश के दुश्मनों को शक्ति और शौर्य दिखाने के लिए ये ज़रूरी नहीं है कि युद्ध किया जाए. कई बार जश्न भी शक्ति प्रदर्शन का काम कर देता है. 4 दिनों के बाद भारतीय वायु सेना अपना स्थापना दिवस मनाएगी लेकिन इसके पहले आज Air Chief Marshal, राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने पाकिस्तान को बालाकोट Part Two की चेतावनी दी है. और भारत पर मंडरा रहे Drone वाले ख़तरे का ज़िक्र किया है. आज उनके द्वारा कही गई बातों में छिपे संकेत को समझना जरूरी है क्योंकि इससे आपका भविष्य जुड़ा हुआ है. लेकिन, उससे पहले भारतीय वायुसेना द्वारा जारी किया गया एक Promotional Video देखिए.  इस Video में नए इंडिया की झलक भी है और भारतीय वायुसेना की असीम शक्ति भी है. 

ये तो Promotional Film की बात हुई. अब भारतीय वायुसेना की बालाकोट Parto Two वाली असली कार्रवाई की बात करते हैं. कुछ दिन पहले ही सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा था, कि बालाकोट में पाकिस्तानी आतंकवादी फिर से सक्रिय हो गए हैं.  इसी विषय पर आज वायुसेना प्रमुख से सवाल पूछा गया. जिसके जवाब में उन्होंने कहा, कि भारतीय वायुसेना पहला हमला नहीं करेगी. लेकिन अगर पाकिस्तान ने कोई जुर्रत की, तो सरकार के आदेश पर Indian Airforce जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी. दुनिया के अलग-अलग संगठनों की ही तरह पाकिस्तान के आतंकवादी भी बहुत तेज़ी से खुद को Upgrade कर रहे हैं.  और भारत पर Drone के ज़रिए हमला करने की साज़िश रच रहे हैं. 

कुछ दिन पहले ही पंजाब में Drones से हथियार भेजने की ख़बर आई थी.  ये Drones पाकिस्तान से आए थे.  शुरुआती जांच में पता चला था, कि पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी संगठन, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद बड़ी संख्या में भारत में हथियारों की Smuggling कर रहे हैं.  और इसके लिए Drone का इस्तेमाल हो रहा है.  ये हथियार खालिस्तानी ग्रुप खालिस्तान जिंदाबाद फ़ोर्स ने ISI की मदद से पहुंचाए.  जिनका इस्तेमाल कश्मीर में होना था.  फिलहाल इस मामले की जांच NIA कर रही है. Drone के ख़तरे को हम बिल्कुल भी हल्के नहीं ले सकते.  अभी कुछ दिनों पहले सऊदी अरब के Oil Processing Facilities पर हुए Drone वाले हमले की यादें ताज़ा हैं.  इस हमले की ज़िम्मेदारी यमन के हूती विद्रोहियों ने ली थी.  और कहा था, कि इस हमले के लिए 10 Drones भेजे गए थे. 

ठीक इसी तरह 4 अगस्त 2018 की तस्वीरें याद कीजिए. उस वक्त वेनेज़ुएला की Armed Force यानी Venezuelan National Guard का स्थापना दिवस था.  और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अपना संबोधन दे रहे थे.  लेकिन अचानक वहां पर Drone के ज़रिए हमला हो गया.  आतंकवादी, निकोलस की हत्या करना चाहते थे.  और इसके लिए दो अलग-अलग Drones का इस्तेमाल किया गया.  दोनों पर 1 किलोग्राम C-4 Plastic Explosive फिट किया गया था.  और रिमोट कंट्रोल की मदद से दोनों को , निकोलस, उनकी पत्नी और दूसरे नेताओं की दिशा में मोड़ दिया गया.  विस्फोटक से लदा पहला Drone, वेनेजुएला के राष्ट्रपति के ठीक उपर Blast होना था, जबकि दूसरा सीधे उनके सामने Blast होना था.  हालांकि, वहां की सेना ने तकनीक का इस्तेमाल करते हुए, पहले Drone को हवा में ही बर्बाद कर दिया.  और दूसरा, भाषण वाले स्थान से कुछ दूरी पर मौजूद एक इमारत में जाकर Crash हो गया. 

ये नए ज़माने का आतंकवाद है, जिसे आप 'Drone Terrorism' भी कह सकते हैं.  ये ऐसे Silent Killers होते हैं, जिन्हें Detect करना और समय रहते ख़त्म करना बहुत मुश्किल होता है.  और आज की स्थिति में ऐसे Drones का इस्तेमाल युद्ध छेड़ने के लिए भी किया जा सकता है.  Drone से हमला, परमाणु और अंतरिक्ष से जुड़े संस्थान, गैस, थर्मल और हाइड्रो Power Plants, संवेदनशील सरकारी भवन और सैन्य ठिकाने...कहीं पर भी किया जा सकता है.  ऐसे में सवाल ये है, कि क्या भारत इस ख़तरे से निपटने के लिए तैयार है ? आज हम इसका जवाब ढूंढने की कोशिश करेंगे.  लेकिन उससे पहले ये देखिए, कि वायुसेना प्रमुख ने 'Drone Terrorism' पर क्या कहा? यहां आपको ये भी पता होना चाहिए, कि Drones कितने प्रकार के होते हैं. Nano Drone का इस्तेमाल जासूसी के लिए किया जाता है.  इसका वज़न ढाई सौ ग्राम तक हो सकता है. Micro Drone का वज़न 2 से 3 किलोग्राम तक या इससे ज़्यादा भी हो सकता है. Small Drone का वज़न 25 किलोग्राम तक हो सकता है.  हवा में उड़ने के बाद ये अपने आप Landing कर सकता है. Medium Drone का वज़न 50 किलोग्राम से ज़्यादा होता है. 

Large Drone 100 किलोग्राम तक हो सकता है.  और इसका प्रयोग सेना द्वारा युद्ध क्षेत्र में निगरानी के लिए किया जाता है.  ये Drone काफी ऊंचाई से तस्वीरें खींच सकता है.  और Video भी बना सकता है. Advance Drone का इस्तेमाल दुश्मनों पर बम बरसाने के लिए या किसी अन्य प्रकार से हमले के लिए किया जाता है. अब सवाल ये है, कि क्या भारत ऐसे किसी हमले के लिए तैयार है? 1 दिसम्बर 2018 को सरकार ने Drone Regulations One Point Zero की घोषणा की थी.  लेकिन इसे अभी तक सुचारु रुप से लागू नहीं किया जा सका है. उदाहरण के तौर पर नए Drone Regulations के तहत एक बार Clearance मिल जाने के बाद, Drone के Operators उसे आसानी से उड़ा सकते हैं. 

इसके लिए Operators को सिर्फ अपने Drones को और उसे उड़ाने वाले को रजिस्टर कराना होता है.  ये पूरा Eco-System, Digital Sky Platform के तहत आता है. लेकिन समस्या ये है, कि Drone से संबंधित नीति होने के बावजूद, ज़्यादातर Drones उसी तरह Operate किए जा रहे हैं, जैसे पहले किए जाते थे. भारत में Drones का इस्तेमाल Defence और Civil ज़रुरतों के लिए किया जाता है.  और इस वक्त इनकी संख्या कितनी है, ये स्पष्ट नहीं है. दिसम्बर 2018 तक भारत में 40 हज़ार Civilian Drones थे.  जिनमें से 90 प्रतिशत Imported थे. कुछ बड़े Drone Operators को छोड़ दिया जाए, तो ज़्यादातर Operators ऐसे हैं, जो सही प्रक्रिया से इजाज़त लेने की परवाह नहीं करते.  ये एक ऐसी गंभीर बात है, जिससे भारत की सुरक्षा को बहुत बड़ा ख़तरा है. 

दुनियाभर के Security Experts अब ये कह रहे हैं, कि आने वाले समय में आतंकवादियों के लिए Airports और Football Stadiums, बहुत आसान निशाना बन जाएंगे.  ये भी कहा जा रहा है, कि Drone Terrorism काफी पहले से आतंकवादियों की योजनाओं में था.  ऐसे Drone जिनमें विस्फोटक लगा हुआ हो, उसे Disable करना बहुत मुश्किल काम होता है.  उसे आसमान में विस्फोट करके उड़ाया तो जा सकता है.  लेकिन अगर किसी सार्वजनिक स्थान पर ऐसा हमला हुआ हो, और Drone को मार गिराने की कोशिश की जाए, तो नीचे खड़ी भीड़ को नुकसान पहुंच सकता है.  Experts के मुताबिक दुनिया के ज़्यादातर देशों को इस तरह के हमलों की आदत नहीं है.  इसलिए हम कह रहे हैं, कि Lone Wolf Attack की श्रेणी में अब Drone भी शामिल हो गया है.  और जिस प्रकार का हमला सऊदी अरब या वेनेजुएला में हुआ.. वो दुनिया के किसी भी शहर में हो सकता है. फिर चाहे हमारा देश भारत ही क्यों ना हो?