BJP नेता का विवादित बयान, 'दादाजी के कब्र पर जाने से प्रियंका को नहीं मिलते वोट'

मध्य प्रदेश बीजेपी के नेता ने राहुल गांधी और कांग्रेस के नेताओं पर जमकर हमला बोला.

BJP नेता का विवादित बयान, 'दादाजी के कब्र पर जाने से प्रियंका को नहीं मिलते वोट'
बीजेपी नेता ने किसानों की ऋण माफी पर भी सवाल उठाएं. (साभार: twitter)

भोपाल: लोकसभा चुनाव 2019 का आगाज होने के साथ नेताओं के विवादित बयान और एक-दूसरे पर छिटांकशी का दौर भी जारी है. मप्र के पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया ने गुरुवार को गांधी परिवार पर कई विवादित टिप्पणी की. शुक्रवार को एक बयान में उन्होंने कांग्रेस की चुनावी घोषणा पर भी तंज कसा है. 

मलैया ने कहा है कि राहुल की दादी ने भी घोषणा की थी गरीबी हटाएंगे लेकिन अब तक कुछ नहीं हो पाया. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर किसानों की कर्ज माफी की घोषणा का प्रमाण पत्र लेकर घुमने का आरोप लगाया. 

मलैया ने कहा, ''राहुल गांधी ने कहा था कि जल्द कर्ज माफ करेंगे. लेकिन ये लोग गले में कर्ज माफी का प्रमाण-पत्र लटकाए घूम रहे हैं. लेकिन किसी भी किसान की कर्ज माफी अब तक नहीं हो पाई. विधानसभा चुनाव के बाद भी किसी के बैंक खाते में 2 लाख रु नहीं आये. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि अगर किसानों की कर्ज माफ नहीं हुई तो 10 दिन में मुख्यमंत्री बदल देंगे.''

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पर रघुराम राजन की सलाह पर न्याय योजना की घोषणा करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ''सब उनकी (रघुराम राजन) सलाह पर किया जा रहा है. रघुराम राजन अमेरिका में पढ़ा रहे है, वो वही करें वो अच्छा काम है. उन्हें यहां की समझ नहीं है. रघुराम राजन राजनीति में आना चाहते है. यह घोषणा राजनीतिक उद्देश्य से वोट जुगाड़ने के लिए की गई है. यह वोट के लिए जनता को कहेंगे चंदा सूरज भी तोड़कर ला सकते है.''

वहीं, कांग्रेस सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि राज्य सरकार बताये किसका कर्ज माफ हुआ है. उन्होंने कांग्रेस के कितने नेताओं की ऋण माफी हुए है. उसकी लिस्ट भी मांगी. उन्होंने कहा, ''कांग्रेसियों ने जो लिस्ट नरोत्तम मिश्रा को दी है वो किसानों के प्रमाणपत्र वाली दी है. लेकिन जिनके खाते में पैसा गया है वो लिस्ट कहां है?''

मलैया ने कांग्रेस नेताओं को खुद को सच्चा हिन्दू बताने के बयान पर भी तंज कसा. मलैया का कहना है कि पहले कांग्रेसी एक समाज का तुष्टिकरण करने के लिए मंदिर नहीं जाते थे. अब प्रियंका गांधी अपने दादा जी(फिरोज गांधी) की कब्र पर नहीं गई, दूसरी जगह गई. प्रियंका को पता था दादा जी की कब्र पर फूल चढ़ाने से उन्हें वोट नहीं मिलेंगे.

इस दौरान उन्होंने सागर लोकसभा से दावेदारी पर पार्टी के निर्णय पर साथ देने की बात कही.