जयाप्रदा बोलीं, 'खुशी हो या गम मुस्कुराऊंगी, रामपुर छोड़कर नहीं जाउंगी'

आजम खान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वो नेता कहता है कि मुझे उंगली पकड़कर रामपुर की धरती पर लाया है. मैं बहन हूं, आपकी बेटी के समान हूं. उन्होंने कहा कि आप मैसेज क्या दे रहे हो, किस भाषा और जुबान का इस्तेमाल कर रहे हो.

 जयाप्रदा बोलीं, 'खुशी हो या गम मुस्कुराऊंगी, रामपुर छोड़कर नहीं जाउंगी'
रामपुर में तीसरे चरण में मतदान होना है.

रामपुर: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) में रामपुर लोकसभा सीट पर चुनावी जंग बेहद ही दिलचस्प हो गई है. चुनाव आयोग का कार्रवाई के बाद आजम खान के बेटे और स्वार से सपा विधायक अब्दुल्ला आजम ने पीसी कर जहां बैन पर सवाल उठाए. वहीं, अब्दुल्ला पर पूर्व सांसद और बीजेपी की प्रत्याशी जयाप्रदा ने जमकर निशाना साधा. इसके साथ ही उन्होंने सपा नेता और महागठबंधन प्रत्याशी आजम खान पर भी सवाल उठाए. उन्हों दो टूक कहा खुशी हो या गम मुस्कुराऊंगी, लेकिन मैं रामपुर छोड़कर नहीं जाउंगी.

जयाप्रदा बोलीं, क्या मैसेज दे रहे हो
आजम खान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वो नेता कहता है कि मुझे उंगली पकड़कर रामपुर की धरती पर लाया है. मैं बहन हूं, आपकी बेटी के समान हूं. उन्होंने कहा कि आप मैसेज क्या दे रहे हो, किस भाषा और जुबान का इस्तेमाल कर रहे हो.

अब्दुल्ला आजम पर भड़की जया
बीजेपी प्रत्याशी जयाप्रदा ने आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अब्दुल्ला तुम मेरे सामने बच्चे हो. तुम्हारे घर में मां है, भाभी है. तुम्हारी भाभी पर कोई ऐसे टिप्पणी करेगा, तो क्या तुम्हारा भरी सभा में पीसी करने का मन करेगा, नहीं करेगा.

 

आजम खान पर साधा निशाना
आजम खान के बयान से आहत जयाप्रदा ने कहा कि एक भाई बहन की तरफ देखकर बोलता है, आप किस तरह के कपड़े पहने हो, अंदर क्या पहनें हो, बाहर क्या पहने हो, किस रंग के पहने हो. ये मैं आपको बताने की जरूरत नहीं समझती. बीजेपी प्रत्याशी ने कहा मैं आहत हूं, दुःखी हूं, एक बहन आपको भाई मानती है और आप अभद्र शब्द बोलते हो. 

सपा नेता को दिया अभिशाप
उन्होंने कहा कि ये बहन के खून के आंसू हैं. आपको ये अभिशाप है. आजम साहब, आपको चुनौती दे रही हूं, रामपुर छोड़कर नहीं जाऊंगी और मैं रामपुर में रहकर आपको सबक सिखाऊंगी.

लोगों ऐसे की वोट अपील
जयाप्रदा ने सभा में लोगों से कहा कि मुलायम सिंह को छोड़कर में आपके बीच मे आई हूं. उन्होंने कहा साल 2009 में एक नेता ने अश्लील तस्वीरे घुमाई, मुझे जीने की कोई इच्छा नहीं थी. मैं आत्महत्या करना चाहती थी. लेकिन अमर सिंह ने मुझे बचाया, जिन्होंने मुझे जीवनदान दिया. उन्होंने कहा कि आज लोगों से मेरा कहना है कि मुझे अब इंसाफ मिलना चाहिए. मैं आपके लिए लड़ूंगी.