किशोरों के लिए उम्र सीमा नहीं होगी कम: तीरथ

महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने मंगलवार को कहा कि किशोर माने जाने की उम्र सीमा नहीं घटायी जाएगी और 18 साल से कम उम्र के सभी लोग किशोर समझे जाएंगे।

नई दिल्ली : महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने मंगलवार को कहा कि किशोर माने जाने की उम्र सीमा नहीं घटायी जाएगी और 18 साल से कम उम्र के सभी लोग किशोर समझे जाएंगे।
कृष्णा ने यहां कहा,‘किशोरों की उम्र की परिभाषा के दायरे में वे सभी नागरिक बने रहेंगे जिनकी उम्र 18 साल नहीं हुई है। दिल्ली के सामूहिक बलात्कार कांड ने एक चर्चा छेड़ दी है लेकिन कानून में बदलाव से अन्य किशोरों पर भी असर पड़ेगा।’
उन्होंने कहा,‘हम 18 साल से कम उम्र के लोगों को मताधिकार नहीं देते हैं, शादी के लिए लड़कियों के लिए न्यूनतम उम्रसीमा 18 साल तथा लड़कों के लिए 21 साल है। यानी कि अठारह साल से कम उम्र के किशोरों को हम बहुत अधिकार नहीं देते हैं, ऐसे में 18 तक बच्चा ही मानना चाहिए।’
मंत्री ने कहा कि सोमवार को एक बैठक में भी कई विशेषज्ञों ने उम्र सीमा नहीं घटाने की सलाह दी।
दिल्ली के सामूहिक बलात्कार प्रकरण पर जनाक्रोश के बाद (किशोरों के लिए) उम्रसीमा संबंधी कानून में बदलाव की मांग की जा रही है। इस कांड में एक आरोपी 18 साल से कम उम्र का है। (एजेंसी)

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