यदि महिलाओं ने लक्ष्मण रेखा लांघी तो सीता जैसी मिलेगी सजा: विजयवर्गीय

देश भर में इस समय जहां महिलाओं की सुरक्षा और महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर सख्‍त कानून बनाने की जोरदार मांग की जा रही है, वहीं मध्‍य प्रदेश से भाजपा के एक वरिष्‍ठ नेता ने दिल्‍ली गैंगरेप के संदर्भ में यह कहकर नया विवाद छेड़ दिया है कि अपनी सीमाओं को लांघने वाली महिलाओं को भारी कीमत चुकानी होगी।

ज़ी न्‍यूज ब्‍यूरो
नई दिल्‍ली : देश भर में इस समय जहां महिलाओं की सुरक्षा और महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर सख्‍त कानून बनाने की जोरदार मांग की जा रही है, वहीं मध्‍य प्रदेश से भाजपा के एक वरिष्‍ठ नेता ने दिल्‍ली गैंगरेप के संदर्भ में यह कहकर नया विवाद छेड़ दिया है कि अपनी सीमाओं को लांघने वाली महिलाओं को भारी कीमत चुकानी होगी। यदि महिलाएं अपनी लक्ष्‍मण रेखा को लांघेंगी तो रावण सामने बैठा हुआ है।
दिल्ली गैंग रेप की घटना के बाद से नेताओं के विवादित बयान जारी हैं। अब मध्य प्रदेश के मंत्री ने महिलाओं को मर्यादा में रहने की नसीहत दी है। वहीं, कांग्रेस ने इस मामले में विरोध दर्ज करवाने का फैसला लिया है। उधर, महिला आयोग ने भी मंत्री के इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे गलत करार दिया है।
शुक्रवार को एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मध्‍य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और वरिष्‍ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने रामायण का उद्धरण देते हुए कहा है कि `एक ही शब्‍द है-मर्यादा। मर्यादा का उल्‍लंघन होता है, तो सीता हरण हो जाता है। लक्ष्‍मण रेखा हर व्‍यक्ति की खीची गई है। उस लक्ष्‍मण रेखा को कोई भी पार करेगा तो रावण सामने बैठा है, वो सीता हरण करके ले जाएगा।`

विजयवर्गीय के इस गैर जिम्‍मेदार बयान इस तरफ इशारा करते हैं कि वैसी महिलाएं जो अपनी नैतिक सीमाओं का उल्‍लंघन करती हैं, वो सजा की हकदार हैं। भाजपा नेता यह बयान पार्टी के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
भाजना नेता ने कहा है कि यदि महिलाएं अपनी सीमाओं को पार करेंगी तो उन्‍हें सजा मिलेगी, जैसे सीता का हरण रावण ने कर लिया था।
हालांकि, यह कोई पहली बार नहीं है कि जब किसी नेता ने महिलाओं को लेकर विवादित टिप्‍पणी की है। पूर्व में ऐसे कई मौकों पर शिक्षित और प्रभावशाली व्‍यक्तियों ने भी दुष्‍कर्म के मामलों में पीडि़ता के चरित्र पर सवाल उठाए हैं।
हाल में, पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने पार्क स्‍ट्रीट रेप को अपने खिलाफ सीपीएम की साजिश करार दिया था। केवल यही नहीं, उनकी पार्टी के एक सदस्‍य ककोली घोष ने हाल में कहा था कि पार्क स्‍ट्रीट केस रेप का मामला नहीं है।