`217 करोड़ कमीशन देने को तैयार थी अगस्तावेस्टलैंड`

इटली की सरकारी कंपनी अगस्तावेस्टलैंड ने भारत से 3,600 करोड़ रुपये के हेलीकॉप्टर सौदे को हासिल करने के लिए ‘भ्रष्ट गतिविधि’ के तौर पर कथित रूप से 217 करोड़ रुपये देने का मन बनाया था।

नई दिल्ली : इटली की सरकारी कंपनी अगस्तावेस्टलैंड ने भारत से 3,600 करोड़ रुपये के हेलीकॉप्टर सौदे को हासिल करने के लिए ‘भ्रष्ट गतिविधि’ के तौर पर कथित रूप से 217 करोड़ रुपये देने का मन बनाया था।
इटली के जांचकर्ताओं द्वारा वहां की एक अदालत में दाखिल रिपोर्ट के अनुसार बिचौलियों ने 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों के लिए 7.5 प्रतिशत कमीशन पर रजामंदी जताई थी।
अंतत: करीब 362 करोड़ रुपये रिश्वत देने की बात सामने आई। ट्यूनीशिया और भारत में पंजीकृत कंपनियों के बीच संपर्क के माध्यम से भुगतान उस समय भी चल रहा था जब घोटाले का भंडाफोड़ हुआ।
रिपोर्ट के मुताबिक फिन्मेकेनिका ग्यूसेप ओर्सी और अगस्तावेस्टलैंड के सीईओ ब्रूनो स्पेगनोलिनी ने एक मुख्य बिचौलिये क्रिस्टियन मिशेल को तीन करोड़ यूरो (217 करोड़ रुपये) का भुगतान किया था।
दोनों कंपनियों के गिरफ्तार किये गये सीईओ ने दो अन्य कथित बिचौलियों गीडो राल्फ हाश्के और कालरे गेरोसा को एडब्ल्यू स्पा और गार्डियन सर्विसेस सार्ल के बीच संपर्क के माध्यम से 4 लाख यूरो (करीब 2.8 करोड़ रुपये) का भुगतान भी किया जिनमें से एक लाख यूरो (72 लाख रुपये) नगद त्यागी बंधुओं (जूली, डोक्सा और संदीप) को दिये गये।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बिचौलियों का पूर्व वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एस पी त्यागी के परिवार और खासकर उनके रिश्ते के तीन भाइयों से करीबी संबंध था। (एजेंसी)