नई विश्व व्यवस्था को आकार देने में मदद करेगा भारत : हेगल

भारत को दुनिया के सर्वाधिक महत्वपूर्ण देशों में से एक बताते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्री चक हेगल ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र इस सदी में उभर रही नई विश्व व्यवस्था को आकार देने में मदद करेगा।

नई विश्व व्यवस्था को आकार देने में मदद करेगा भारत : हेगल

वॉशिंगटन : भारत को दुनिया के सर्वाधिक महत्वपूर्ण देशों में से एक बताते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्री चक हेगल ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र इस सदी में उभर रही नई विश्व व्यवस्था को आकार देने में मदद करेगा।

हेगल ने अपने साथ भारत जा रहे संवाददाताओं से कहा, ‘आज जब आप दुनिया को देखते हैं और आप जानते हैं कि भारत न केवल दुनिया भर में आज सर्वाधिक महत्वपूर्ण देशों में से एक है बल्कि यह इस युवा सदी में उभर रही नयी विश्व व्यवस्था को भी आकार देने में मदद करेगा।’ रक्षा मंत्री के तौर पर अपने पहले भारत दौरे गए हेगल भारत में अपने भारतीय समकक्ष अरुण जेटली और नई भारत सरकार के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।

हेगल के दौरे से कुछ ही दिन पहले अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी और वाणिज्य मंत्री पेनी प्रिट्जेकर भारत अमेरिका रणनीतिक वार्ता के सिलसिले में नई दिल्ली गए थे।

हेगल ने कहा, ‘मुझे लगता हे कि जब इस धरती पर मौजूद सबसे बड़ी ताकत यानी अमेरिका, दूसरे देशों के साथ संबंध विकसित करता है तो हमेशा एक मुद्दा बना रहता है। कोई भी देश अमेरिका या किसी अन्य देश का बेहद करीबी नहीं दिखना चाहता। और ऐसा होना भी चाहिए। इसलिए यह कोई समस्या नहीं है।’ उन्होंने कहा कि ओबामा प्रशासन को भारत की राजनैतिक जरूरतों से तालमेल के लिए और अमेरिका के साथ उसके संबंधों को बेहतर बनाए रखने के लिए तरीके खोजने चाहिए।

हेगल ने कहा कि इसे दोनों पक्षों के लिए हमेशा एक प्रबंध, किसी परियोजना, संधि या बिक्री पर हुए एक समझौते की तरह देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत या अमेरिका या कोई भी देश कोई फैसला करे तो उसे हमेशा उस देश के हितों के आधार पर देखा जाना चाहिए।

रक्षा मंत्री ने कहा, ‘मुझे लगता है कि भारत के साथ परमाणु समझौते की संभावनाओं से जुड़ा जो वादा किया गया था, उसकी क्षमताओं का इस्तेमाल उतनी जल्दी पूरी तरह नहीं हो सका, जितनी अमेरिका ने उम्मीद की थी। और मुझे संदेह है कि भारत ने ऐसी उम्मीद की थी लेकिन आंतरिक सरकारों और उनकी जनता की वास्तविकताओं के साथ हमें हमेशा तालमेल बैठाने और उनके अनुरूप ढलने को तैयार रहना होता है।’ हेगल ने उम्मीद जताई कि उनकी बैठकों के दौरान कुछ ऐसे नए रास्ते निकल सकेंगे, जिससे दोनों देश अपने साझा हितों को आगे जोड़ पाएंगे।