यहां रात में की जाती है पतंगबाजी, वजह जानकर कहेंगे- 'वाह! क्या आइडिया है'

बाकरोल गांव में कई सालों से रात में पतंग उड़ाने की परंपरा चली आ रही है. गांव के लोग अपनी छतों पर रोशनी का इंतजाम करके पतंगबाजी करते हैं. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि पक्षियों को पतंगबाजी से कोई नुकसान ना हो. ज्यादातर पक्षी रात के समय अपने घोंसलों में चले जातें हैं. इससे मांजे से पक्षियों के घायल होने या उनकी मौत होने का खतरा टल जाता है.

यहां रात में की जाती है पतंगबाजी, वजह जानकर कहेंगे- 'वाह! क्या आइडिया है'
गुजरात के गांव में रात में होती है पतंगबाजी.

लालजी पंसुरिया, आनंद: गुजरात के आनंद का बाकरोल गांव एक ऐसी जगह है जहां के लोग पूरी रात पतंग उड़ाते हैं. बाकरोल गांव में कई सालों से रात में पतंग उड़ाने की परंपरा चली आ रही है. गांव के लोग अपनी छतों पर रोशनी का इंतजाम करके पतंगबाजी करते हैं. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि पक्षियों को पतंगबाजी से कोई नुकसान ना हो. ज्यादातर पक्षी रात के समय अपने घोंसलों में चले जातें हैं. इससे मांजे से पक्षियों के घायल होने या उनकी मौत होने का खतरा टल जाता है. 

ऐसा करने से कई पक्षियों की जान बचाई जा सकती है. आमतौर पर लोग दिन में पतंग उड़ाकर मजा लेते हैं तो वहीं बाकरोल गांव के लोग रात में पतंगबाजी करके उत्तरायण का त्योहार मनाते हैं. इस गांव के कई लोग अमेरिका, यूके, कनाडा जैसे देशों में रह रहे हैं. ये एनआरआई परिवार भी उत्तरायण के मौके पर गांव आते हैं और पतंगबाजी में हिस्सा लेते हैं.

बाकरोल गांव की इस विशेषता को लोग दूर दूर से देखने भी आते हैं. लोग रात में एकजुठ होकर रात्रि उत्तरायण की मौज लेते हैं. इसमें तमाम लोगों ने पक्षियों को नुकसान ना हो इसका विशेष ध्यान रखते हैं, जिसमें विदेश से आए लोग इस बात से बेहद खुश हुए की पक्षियों का इतना ध्यान रखा जाता है.

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