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राजस्थान: जोधपुर की अदालत में पहली बार हुई गाय की पेशी, जानिए क्यों?

आज मंडोर पुलिस थाने के जांच अधिकारी मनोहर सिंह ने गाय को कोर्ट के समक्ष पेश किया. जिसे देखने के बाद मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों को सुना और बयान दर्ज किए.

राजस्थान: जोधपुर की अदालत में पहली बार हुई गाय की पेशी, जानिए क्यों?
गाय को लेकर एक मुकदमा जोधपुर की एमएम संख्या 3 कोर्ट में दायर है. (फाइल फोटो)

भवानी भाटी, जोधपुर: जोधपुर की एक अदालत में शुक्रवार तो अफरातफरी मच गई. पहली बार यहां की अदालत में एक गाय पेश होने आई थी. जिसको देखकर वहां मौजूद और आम लोग सकते में आ गये. पुलिस ने गाय के मालिकाना हक को लेकर चल रहे एक मुकदमे की सुनवाई के लिए उसे अदालत में पेश किया. 

बताया जा रहा है कि गाय के मालिकाना हक को लेकर एक मुकदमा एमएम संख्या 3 कोर्ट में दायर है. जिसमें दोनों पक्षों का बयान दर्ज किया गया है. जांच के बाद एमएम कोर्ट अपनी रिपोर्ट सेशन कोर्ट में पेश करेगा. जिसके बाद इसके मालिकाना अधिकार के लिए चल रहा विवाद खत्म हो सकेगा. 

जानिए क्या है मामला
अगस्त 2018 में पेशे से शिक्षक श्याम सिंह ने मंडोर थाने में इस्तगासे से मुकदमा दर्ज करवाया था. जिसमें उन्होंने उनकी एक गाय को पुलिस कांस्टेबल ओम प्रकाश के द्वारा चोरी का आरोप लगाया. जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और गाय को बरामद कर गौशाला में भेज दिया.

शिक्षक के बयान के बाद गौशाला में लगा सीसीटीवी कैमरा
जांच के दौरान शिक्षक श्याम सिंह ने बताया कि उनकी गाय अपना दूध खुद भी पीती है. जिसके बाद कोर्ट ने मामले में निगरानी के लिए पुलिस को गौशाला में सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए. करीब 50 घंटे की रिकॉर्डिंग के बाद भी पुलिस ने श्याम सिंह की बात की तस्दीक नहीं होने का हवाला देते हुए मुकदमें में अंतिम रिपोर्ट यानि एफआर लगा दी. इसके बाद श्याम सिंह और ओम प्रकाश ने सेशन कोर्ट में धारा 457 के तहत अर्जी दायर की. जिस पर सेशन कोर्ट ने मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट को तीन माह में जांच पूरी करने के निर्देश दिए. जिस पर आज मंडोर पुलिस थाने के जांच अधिकारी मनोहर सिंह गाय को कोर्ट के समक्ष पेश किया. गाय को देखने के बाद मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों को सुना और बयान दर्ज किए.

सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने रखी अपनी बात
सुनवाई के दौरान दोनो पक्षों ने मालिकाना हक को लेकर अदालत के समक्ष अपनी बात रखी. जिसके बाद बयान भी दर्ज किए गए. फिलहाल न्यायिक मजिस्ट्रेट मामले की जांच कर रहे हैं. जांच के बाद कोर्ट गाय के मालिकाना हक को लेकर अपना निर्णय करेगा. 

फैसला सुनने के लिए करना होगा इंतजार
इस संबंध में पुलिस कांस्टेबल ओम प्रकाश के वकील ने बताया कि उन्होंने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रख दिया है, अब अदालत को निर्णय लेना है. वहीं, मामले के एक अन्य पक्षकार श्याम सिंह के वकील ने इस मामले पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया. अब तीन माह में अंदर मजिस्ट्रेट को गाय का मालिकाना हक तय करना है. देखने वाली बात यह है कि कोर्ट इस मामले में क्या निर्णय देती है