सावधान! कोरोना के बाद आई ये रहस्यमयी बीमारी, मरीज सपने में देखते हैं मरे हुए लोग

खतरनाक COVID-19 महामारी के बीच, कनाडा में एक रहस्यमय मस्तिष्क रोग के कारण दहशत फैल गई है. अब तक 48 संक्रमित मरीज मिले हैं जिनमें अनिद्रा, अंगों की शिथिलता और मतिभ्रम जैसे लक्षण देखे गए हैं. जानिए इस बीमारी के बारे में वैज्ञानिकों का क्या कहना है.

Jun 08, 2021, 08:34 AM IST
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रहस्यमयी बीमारी के मिले मरीज

patients of mysterious disease

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अटलांटिक तट पर स्थित कनाडा के न्यू ब्रंसविक प्रांत में इस रहस्यमयी बीमारी के मरीज मिले हैं. मरीज सपने में मरे हुए लोगों को देखते रहे हैं. इसके बाद से कनाडा में लोगों में डर पैदा हो गया है. हालांकि कनाडा के कई न्यूरोलॉजिस्ट बीमारी के कारण का पता लगाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं.

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COVID वैक्सीन को ठहरा रहे जिम्मेदार

blaming the COVID vaccine

वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि यह बीमारी सेलफोन टावरों के रेडिएशन से फैल रही है. वहीं, कई वैज्ञानिक हैं जो इस बीमारी के लिए COVID वैक्सीन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. हालांकि, इनमें से किसी भी दावे की कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है.

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6 साल पहले फैलने लगी थी बीमारी

disease started spreading 6 years ago

वैज्ञानिकों ने बताया कि कनाडा में यह बीमारी करीब 6 साल पहले फैलने लगी थी. दर्जनों लोग इसकी चपेट में आ चुके थे, जिनमें से 6 की मौत भी हो गई. लेकिन 15 महीने पहले ही कोविड वायरस महामारी का कहर शुरू हो गया था, जिससे लोगों और स्वास्थ्य अधिकारियों का ध्यान इस बीमारी से भटक गया था.

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आखिर कैसे फैल रही ये बीमारी?

How is this disease spreading

हालांकि, इतने समय तक इस बीमारी का अध्ययन करने के बाद भी वैज्ञानिकों के पास इस बीमारी का नाम तक नहीं है. लोग लगातार यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या यह बीमारी पर्यावरण से फैल रही है? क्या यह अनुवांशिक है? या यह मछली या हिरण का मांस खाने से फैलता है? यह सब नहीं तो और क्या है? लेकिन वैज्ञानिक कुछ भी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं.

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डॉक्टरों का क्या कहना?

What do the doctors say

इस रहस्यमयी बीमारी के बारे में सार्वजनिक जानकारी मार्च में तब आई, जब न्यू ब्रंसविक के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने एक प्रेस विज्ञप्ति में इसका उल्लेख किया. डॉक्टरों का कहना है कि इस पर धीमी प्रतिक्रिया वैश्विक महामारी के दौरान अन्य चिकित्सा स्थितियों की चुनौती को रेखांकित कर रही है. विज्ञान में असाधारण प्रगति के बावजूद हम मानसिक रोगों या तंत्रिका संबंधी रोगों के जानकारी में अभी भी पीछे हैं.