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पाकिस्तान में गुरु नानक महल तोड़े जाने पर हरसिमरत कौर ने कही ये बड़ी बात

हरसिमरत कौर ने कहा कि इस घटना से सिख समुदाय क्षुब्ध है और इस करतूत की निंदा में वह अपने समुदाय के साथ हैं. 

पाकिस्तान में गुरु नानक महल तोड़े जाने पर हरसिमरत कौर ने कही ये बड़ी बात
रिपोर्ट के अनुसार, ‘बाबा गुरु नानक महल’ चार सदी पहले बनाया गया था और इसमें भारत समेत दुनियाभर से सिख आया करते हैं.

चंडीगढ़: पंजाब के बठिंडा से शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की सांसद हरसिमरत कौर बादल (Harsimrat Kaur Badal) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से अपील की कि वह पाकिस्तान (Pakistan) के पंजाब प्रांत में गुरू नानक महल (Palace Of Guru Nanak) को आंशिक तौर पर तोड़े जाने के मुद्दे को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के सामने कड़ाई से उठाएं. बता दें कि कुछ उपद्रवियों ने इस प्राचीन महल को आंशिक तौर पर तोड़ दिया और इस महल की कीमती खिड़कियों और दरवाजों को बेच डाला.

हरसिमरत ने कहा कि इस घटना से सिख समुदाय क्षुब्ध है और इस करतूत की निंदा में वह अपने समुदाय के साथ हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कुछ उपद्रवियों द्वारा औक़ाफ़ अधिकारियों के साथ मिलकर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में ऐतिहासिक गुरू नानक महल को तोड़े जाने की निंदा में मैं सिख समुदाय के साथ हूं. चूंकि सिख इस पर काफी क्षुब्ध हैं, इसलिए मैं नरेंद्र मोदी जी से अपील करती हूं कि वह इस मुद्दे को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के समक्ष उठाएं.’’ 

 

चार मंजिले गुरू नानक महल में सिख धर्म के संस्थापक गुरू नानक देव और कई हिंदू शासकों की तस्वीरें थीं. बता दें कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कुछ स्थानीय लोगों ने औकाफ विभाग के अधिकारियों की कथित मौन सहमति से सदियों पुराने ‘गुरु नानक महल’ का एक बड़ा हिस्सा तोड़ दिया और उसकी कीमती खिड़कियां एवं दरवाजे बेच दिए. ‘डॉन’ समाचार पत्र की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई. 

इस महल में 16 कमरे थे
रिपोर्ट के अनुसार, ‘बाबा गुरु नानक महल’ चार सदी पहले बनाया गया था और इसमें भारत समेत दुनियाभर से सिख आया करते हैं. इसमें बताया गया है कि प्रांतीय राजधानी लाहौर से करीब 100 किलोमीटर दूर नारोवाल शहर में बने इस महल में 16 कमरे थे और हर कमरे में कम से कम तीन नाजुक दरवाजे और कम से कम चार रोशनदान थे. 

इस महल के ‘मालिक’ के बारे में कोई जानकारी नहीं
रिपोर्ट में बताया गया है कि औकाफ विभाग के अधिकारियों की कथित मौन सहमति से स्थानीय लोगों के एक समूह ने महल को आंशिक रूप से ध्वस्त कर दिया और उसकी कीमती खिड़कियां, दरवाजे और रोशनदान भी बेच दिए. प्राधिकारियों को इस महल के ‘मालिक’ के बारे में कोई जानकारी नहीं है. 

दुनियाभर के सिख यहां आया करते
स्थानीय निवासी मोहम्मद असलम ने कहा, ‘इस पुरानी इमारत को बाबा गुरु नानक महल कहा जाता है और हमने उसे महलां नाम दिया है. भारत समेत दुनियाभर से सिख यहां आया करते थे.’ एक अन्य स्थानीय निवासी मोहम्मद अशरफ ने कहा, ‘औकाफ विभाग को इस बारे में बताया गया कि कुछ प्रभावशाली लोग इमारत में तोड़ फोड़ कर रहे हैं लेकिन किसी भी अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही कोई यहां पहुंचा.’

औकाफ विभाग की मौन सहमति से ढहाया गया महल
अशरफ ने कहा, ‘प्रभावशाली लोगों ने औकाफ विभाग की मौन सहमति से इमारत को ध्वस्त कर दिया और उसकी कीमती खिड़कियां, दरवाजे, रोशनदान और लकड़ी बेच दीं.’ समाचार पत्र ने कहा कि उसने इवेक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के उपायुक्त से लेकर इमारत में रहने वाले परिवार तक कई लोगों से बात करने की कोशिश की ताकि यह पता लगाया जा सके कि इमारत की कानूनी स्थिति क्या है, इसका मालिक कौन है और कौन सी सरकारी एजेंसी इसका रिकॉर्ड रखती है, लेकिन समाचार पत्र को कोई जानकारी नहीं मिल सकी.

PM इमरान खान से ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की मांग
नरोवाल के उपायुक्त वहीद असगर ने कहा, ‘राजस्व रिकॉर्ड में इस इमारत का कोई जिक्र नहीं है. यह इमारत ऐतिहासिक प्रतीत होती है और हम नगरपालिका समिति के रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं.’

ईटीपीबी सियालकोट क्षेत्र के ‘रेंट कलेक्टर’ राणा वहीद ने कहा, ‘हमारी टीम गुरु नानक महल बाटनवाला के संबंध में जांच कर रही है. यह यह संपत्ति ईटीपीबी की है तो इसमें तोड़ फोड करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इलाके के लोगों ने प्रधानमंत्री इमरान खान से तोड़फोड़ के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.'