close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

सपा ने की राज्यसभा में तीन तलाक बिल रोकने की तैयारी, सांसदों को किया व्हिप जारी

राज्यसभा में सपा के चीफ़ व्हिप रवि वर्मा ने सभी सांसदों को कहा है कि अगले हफ्ते कई महत्वपूर्ण बिल राज्यसभा में आने वाले हैं, इसलिए सभी सांसदों की मौजूदगी अनिवार्य है.

सपा ने की राज्यसभा में तीन तलाक बिल रोकने की तैयारी, सांसदों को किया व्हिप जारी
इस समय राज्यसभा में सपा के 12 सांसद हैं. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: राज्यसभा में समाजवादी पार्टी ने अपने सभी सांसदों को सोमवार से सदन में पूरे समय मौजूद रहने के निर्देश दिए है. इसके लिए सपा ने शुक्रवार को 3 लाईन का व्हिप जारी किया है.

राज्यसभा में सपा के चीफ़ व्हिप रवि वर्मा ने सभी सांसदों को कहा है कि अगले हफ्ते कई महत्वपूर्ण बिल राज्यसभा में आने वाले हैं, इसलिए सभी सांसदों की मौजूदगी अनिवार्य है. इस समय राज्यसभा में सपा के 12 सांसद हैं.

आपको बता दें कि अगले हफ्ते ट्रिपल तलाक ओर यूएपीए जैसे महत्वपूर्ण बिल राज्यसभा में पेश हो सकते हैं, जिसको लेकर विपक्ष अभी से तैयारी में जुट गया है. 

राज्यसभा में बिल रोकना चाहती है सपा
सपा सूत्रों के अनुसार, पार्टी ट्रिपल तलाक बिल को राज्यसभा में रोकना चाहती है. इसीलिए ये व्हिप सपा ने जारी किया है. गुरूवार को लोकसभा में ट्रिपल तलाक बिल पास हो गया है, जिसे कानूनी मान्यता के लिए राज्यसभा से पास होना अनिवार्य है. लेकिन राज्यसभा में एनडीए के पास बहुमत नहीं होने के कारण यह बिल अटक सकता है. हालांकि बीजेपी की कोशिश है कि फ्लोर मैनेजमेंट के माध्यम से इस बार ट्रिपल तलाक बिल राज्यसभा से पास कराया जाए.

लाइव टीवी देखें-:

कई दल कर चुके हैं वॉकआउट
आपको बता दें कि कांग्रेस, टीएमसी, आरजेडी, सपा और बसपा जैसी प्रमुख पार्टियां ट्रिपल तलाक बिल के ख़िलाफ़ हैं. वहीं बीजेपी की सहयोगी जेडीयू भी ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर लोकसभा से वॉकआउट कर चुका है. ऐसी स्थिति में राज्यसभा में विपक्षी एकता कितनी कारगर साबित होती है, ये तो ट्रिपल तलाक बिल राज्यसभा में पेश होने के बाद ही पता चल पाएगा.

आरटीआई संसोधन बिल पास
लेकिन गुरूवार को सरकार राज्यसभा में आरटीआई संशोधन बिल पास कराने में सफल रही. इस बिल पर वोटिंग के दौरान विपक्ष के कई सांसद गायब थे. सपा के भी कुछ सांसद वोटिंग के दौरान सदन में मौजूद नहीं थे.

बिल पर पूरे देश की है निगाहें
जब यूएपीए बिल और ट्रिपल तलाक बिल पर पूरे देश की निगाहें हैं. इस दौरान देखने वाली बात यह होगी कि केंद्र सरकार इसे राज्यसभा में पास कराने में सफल हो पाएगी या नहीं.