उद्धव ठाकरे 17 नवंबर को बन सकते हैं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, आदित्य ने राज्यपाल को सौंपी 161 MLA की चिट्ठी

महाराष्ट्र में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस (NCP) की सरकार बनेगी. इस सरकार को कांग्रेस बाहर से समर्थन (बैक सपोर्ट) देगी. शिवसेना विधायक आदित्य ठाकरे और शिवसेना के विधायक दल के नेता एकनाथ शिंद ने मिलकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को 161 विधायकों के समर्थन की चिट्ठी सौंपी. सूत्रों का कहना है कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे खुद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन सकते हैं. 

उद्धव ठाकरे 17 नवंबर को बन सकते हैं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, आदित्य ने राज्यपाल को सौंपी 161 MLA की चिट्ठी
महाराष्ट्र में बनेगी शिवसेना-एनसीपी की सरकार, कांग्रेस करेगी बाहर से समर्थन.

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में शिवसेना (Shiv Sena) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (NCP) की सरकार बनेगी. इस सरकार को कांग्रेस बाहर से समर्थन (बैक सपोर्ट) देगी. शिवसेना (Shiv Sena) विधायक आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) और शिवसेना (Shiv Sena) के विधायक दल के नेता एकनाथ शिंद ने मिलकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Kosari) को 161 विधायकों के समर्थन की चिट्ठी सौंपी. इनमें से शिवसेना (Shiv Sena) के 56, राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) के 54 और कांग्रेस के 44 विधायक हैं. महाराष्ट्र (Maharashtra) में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 145 है, जबकि इन तीनों दलों को मिलाकर यह आंकड़ा 154 तक पहुंचता है. इसके अलावा इन्हें सात निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है. आदित्य जब सरकार बनाने का दावा पेश कर रहे थे उस दौरान उनके साथ निर्दलीय विधायक बछु कडू समेत तीन और विधायक मौजूद रहे.

Aditya Thackeray
राजभवन पहुंचकर शिवसेना (Shiv Sena) नेता आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Kosari) को 161 विधायकों को समर्थन पत्र सौंपा. 

सूत्रों का कहना है कि 17 नवंबर को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है. यह दिन शिवसेना (Shiv Sena) संस्थापक बाला साहेब ठाकरे की पुण्यतिथि है. शपथ ग्रहण समारोह शिवाजी पार्क में हो सकता है. सूत्र बताते हैं कि उद्धव ठाकरे खुद मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. सूत्रों का कहना है कि शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख उद्धव ठाकरे खुद महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री बन सकते हैं. एनसीपी और कांग्रेस के साथ हुई डील में तय हुआ है कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजित पवार को उप मुख्यमंत्री का पद मिल सकता है और जयंत पाटिल को गृहमंत्री का पद दिया जा सकता है. 

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सोनिया और उद्धव की फोन पर हुई डील
इस सरकार गठन के लिए एनसीपी और शिवसेना (Shiv Sena) को लेकर पहले ही बातचीत हो गई थी, लेकिन कांग्रेस की हामी का इंतजार था. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर सोमवार सुबह में शिवसेना (Shiv Sena) को सपोर्ट देने को लेकर बैठक हुई थी, लेकिन यह बेनतीजा रही. इसके बाद शाम चार बजे एक बार फिर से शिवसेना (Shiv Sena) को सपोर्ट करने को लेकर सोनिया गांधी के आवास पर बुलाई गई बैठक में महाराष्ट्र (Maharashtra) कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के अलावा अहमद पटेल और एके एंटनी जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे. इस बैठक में तय हुआ है कि कांग्रेस बाहर से समर्थन करेगी. इस फैसले को लेने से पहले सोनिया गांधी ने उद्धव ठाकरे से फोन पर बातचीत की. साथ ही सोनिया ने जयपुर में ठहरे हुए महाराष्ट्र (Maharashtra) के कांग्रेस विधायकों से भी बातचीत कीं.

कुर्सी की खातिर उद्धव ने तोड़ा रिवाज
महाराष्‍ट्र की सियासत में ठाकरे परिवार के घर 'मातोश्री' की हमेशा से हनक रही है. विभिन्‍न दलों के नेता हमेशा शिवसेना (Shiv Sena) के समर्थन के लिए इस परिवार के मुखिया से मिलने के लिए मातोश्री जाते रहे हैं. लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव के बाद महाराष्‍ट्र की सियासत नई करवट ले रही है. बीजेपी-शिवसेना (Shiv Sena) गठबंधन के बिखरने के साथ ही सत्‍ता के लिए नए साथी तलाशने की चाहत में शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख उद्धव ठाकरे को 'मातोश्री' से निकलना पड़ा है. इस सिलसिले में उद्धव आज होटल ताज लैंड्स एंड में एनसीपी नेता शरद पवार से मिलने पहुंचे. इसी मुलाकात के बाद शिवसेना (Shiv Sena) और एनसीपी के बीच सरकार बनाने को लेकर डील पर आखिरी मुहर लगी.