ये मेंढक तालाब में नहीं बल्कि पेड़ों पर मिलते हैं

अंडमान निकोबार और पूर्वोत्तर भारत में पेडों पर रहने वाले मेंढक की नयी प्रजाति का पता चला है. अनुसंधानकर्ताओं ने गुरुवार को यह जानकारी दी. 

ये मेंढक तालाब में नहीं बल्कि पेड़ों पर मिलते हैं
फ़ाइल फोटो

कोच्चि: अंडमान निकोबार और पूर्वोत्तर भारत में पेडों पर रहने वाले मेंढक की नई प्रजाति का पता चला है. अनुसंधानकर्ताओं ने गुरुवार को यह जानकारी दी. दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एस डी बीजू की अगुवाई में भारत, चीन, इंडोनेशिया और थाईलैंड के अनुसंधानकर्ताओं के दल ने कहा कि यह पहली बार है कि भारत के अंडमान द्वीप समूह में पेड़ों पर रहने वाली मेंढक की प्रजाति रोहानिक्सॉलस का पता चला है.

यह नाम श्रीलंका के जीव वर्गीकरण विज्ञानी रोहन पेथियागोडा के नाम पर रखा गया है. जीव विज्ञान की अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘जूटाक्सा’ के वर्तमान अंक में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है, ‘अंडमान के उभयचर प्राणियों का हाल के वर्षों में लगातार सर्वेक्षण किया गया लेकिन इन द्वीपों पर अब तक रैकोफोराइड फैमिली का पता नहीं चला.’

उसमें कहा गया है, ‘लेकिन आश्चर्य की बात है कि उत्तरी और मध्य अंडमान निकोबार में पेड़ों पर रहने वाले मेंढक की प्रजाति सामान्य है.’ बीजू ने एक बयान में कहा कि अंडमान द्वीपों पर पेड़ पर पाये जाने वाले मेढक का मिलना अप्रत्याशित है और यह फिर भारत जैसे विशाल, विविधता वाले देश में उपयुक्त दस्तावेजीकरण के लिए जलीय जीवों के सर्वेक्षण एवं अन्वेषण के महत्व को रेखांकित करता है.

(इनपुट- एजेंसी भाषा)