चैंपियंस ट्रॉफी 2017 : विराट के पांच 'वीर', जिन्होंने भारत को दिलाया फाइनल का टिकट

मौजूदा विजेता भारत ने आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में एकतरफा मुकाबले में बांग्लागेश को नौ विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है, जहां उसकी भिड़ंत रविवार को पाकिस्तान से होगी. 

चैंपियंस ट्रॉफी 2017 : विराट के पांच 'वीर', जिन्होंने भारत को दिलाया फाइनल का टिकट
ये हैं सीरीज के हीरो, जिन्होंने भारत को फाइनल तक पहुंचाया (PIC : ICC)

नई दिल्ली : मौजूदा विजेता भारत ने आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में एकतरफा मुकाबले में बांग्लागेश को नौ विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है, जहां उसकी भिड़ंत रविवार को पाकिस्तान से होगी. 

भारतीय टीम ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी और बांग्लादेश को 50 ओवर में सात विकेट पर 264 रनों पर रोक दिया. इस लक्ष्य को भारत ने शिखर धवन (46), रोहित शर्मा (नाबाद 123) और विराट कोहली (नाबाद 96) की बेहतरीन पारियों की मदद से 40.1 ओवर में ही महज एक विकेट खोकर हासिल कर लिया.

भारत ने फाइनल तक का सफर यूं तो पूरी टीम के रूप में ही तय किया है और सभी ने अपनी अपनी भूमिका बेहतर ढंग से निभाई है. लेकिन जिन पांच खिलाड़ियों ने भारत के लिए फाइनल के रास्ते खोले, वे ये हैं :  

शिखर धवन

चैंपियंस ट्रॉफी में शिखर धवन का बल्ला जम कर रन बरसा रहा है. अब तक हुई आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में शिखर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गये हैं. जब सेमीफाइनल में उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 46 रन की पारी खेली तो उन्होंने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को पछा़ड़ दिया. धवन अब तक चैंपियंस ट्रॉफी में 680 रन बना चुके हैं.

इस सूची में दूसरा नाम गांगुली और तीसरा नाम राहुल द्रविड़ का है. राहुल ने 627 रन बनाए हैं. सचिन तेंदुलकर 441  रन बनाकर चौथे स्थान पर हैं. धवन ने सचिन के आईसीसी टूर्नार्मेंट में सबसे तेज 11000 रन बनाने के रिकार्ड को भी तोड़ दिया है. इसके लिए उन्होंने 16 पारियां खेलीं, जबकि सचिन ने 18 और गांगुली ने 20 पारियां खेली थीं. धवन ने इस बार के अब तक खेले चार मुकाबलों में भी 79.3 की औसत से 317रन बना चुके हैं. इसमें एक शतक भी शामिल हैं. जाहिर है उनकी लगातार अच्छी बल्लेबाजी ने भारत के लिए फाइनल के दरवाजे खोल दिये हैं.

रोहित शर्मा

रोहित क्लासी प्लेयर हैं. शिखर के साथ उनकी शुरुआत इस चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार रही है. दोनों ने भारत को अच्छी शुरुआत दी, जिससे भारत अच्छे रन बना पाया. रोहित खुद 4 पारियों में 101.3 की औसत से 304 रन बना चुके हैं. 

इसमें सेमीफाइनल में उनके द्वारा बनाए गए शानदार 123 अविजित रन भी शामिल हैं. अगर रोहित का बल्ला इसी तरह चलता रहा तो इसमें कोई संदेह नहीं है कि पाकिस्तान से फाइनल जीतना आसान हो जाएगा. 

जसप्रीत बुमराह

इस चैंपियंस ट्रॉफी से पहले ही यह उम्मीद की जा रही थी कि बुमराह को इंग्लैंड की पिचें बहुत मदद करेंगी. बुमराह ने इस उम्मीद पर खरे उतरते हुए शानदार गेंदबाजी की. भारत को फाइनल तक पहुंचाने में बुमराह का खासा योगदान है. 

उन्होंने चार मैचों में विकेट तो चार ही लिए हैं, लेकिन बल्लेबाज उनकी गेंदों पर खुल कर शॉट नहीं खेल पाए हैं. उन्होंने 4.3 रन प्रति ओवर ही खर्च किए हैं. यह शानदार इकॉनामी रेट है. उनकी गेंदबाजी के सामने कोई भी टीम रन नहीं बना पाई है. 

भुवनेश्वर कुमार

चैंपियंस ट्रॉफी में भुवनेश्वर पर भी सबकी निगाहें थीं. भुवनेश्वर लाइन और लैंथ पर गेंदें डालते हैं और बल्लेबाजों को लगातार परेशान करते हैं. वह विकेट टेकिंग बॉलर हैं. उमेश यादव और बुमराह के साथ मिलकर उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अब तक शानदार गेंदबाजी की है. 

वह अब तक खेले 4 मैचों में 6 रन विकेट ले चुके हैं. उन्होंने महज4.7 की दर से रन दिए हैं, जो एक दिवसीय के लिहाज से बहुत अच्छा इकॉनामी रेट है.

रविचंद्रन आश्विन

विराट कोहली ने चैंपियंस ट्रॉफी के शुरुआती दो मैचों में आर. आश्विन को नहीं खिलाया. उन्होंने अपनी पेस बैटरी-उमेश यादव, भुवनेश्वर और बुमराह पर ही भरोसा किया, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने आश्विन को मैदान में उतारा. इसके लिए उमेश यादव को बाहर बैठना पड़ा. 

आश्विन ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की और 2विकेट चटकाए. इसकी वजह से ही भारत को इस मैच में विजय मिली. बांग्लादेश के खिलाफ आश्विन को विकेट नहीं मिली लेकिन टीम में उनका होना गेंदबाजों का मनोबल लगातार बढ़ाता रहा. कहा जा सकता है कि आर. आश्विन ने भी भारत को फाइनल में पहुंचाने में खासा योगदान दिया.