Zee Rozgar Samachar

INDvsAUS: ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ‘धोनी की खोज’, 3 में से 2 मैच में नॉटआउट लौटे

भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीनों वनडे मैचों में अर्धशतक बनाए. वे तीसरे मैच में 87 रन पर नाबाद रहे.  

INDvsAUS: ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ‘धोनी की खोज’, 3 में से 2 मैच में नॉटआउट लौटे
महेंद्र सिंह धोनी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में ‘मैन ऑफ द सीरीज’ चुने गए. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: इतिहास गवाह है कि जब भी दो टीमों के बीच लंबी सीरीज खेली जाती है, तो कोई ना कोई नया खिलाड़ी भी उभरता है. कुछ महीने पहले भारत और इंग्लैंड के सीरीज के दौरान सैम करेन चमके. फिर भारत-वेस्टइंडीज सीरीज के दौरान पृथ्वी शॉ के रूप में हमें नया स्टार मिला. खेल आगे बढ़ा और भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया पहुंची. यहां टेस्ट सीरीज में नए स्टार के रूप में मयंक अग्रवाल सामने आए.  इसी तरह भारत-ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज की एमएस धोनी ने खुद अपना वही पुराना खेल ‘खोज’ लिया है, जिसके लिए वे मशहूर हैं. धोनी ने चार साल में पहली बार अपने खेल में इतनी निरंतरता दिखाई है.  

जी हां, आप सही पढ़ रहे हैं. एमएस धोनी शुक्रवार (18 जनवरी) को खत्म हुई वनडे सीरीज की ‘खोज’ कहे जा सकते हैं. यह खिलाड़ी पिछले तीन-चार साल से अपना जादू खो चुका था. पिछले साल तो यह खिलाड़ी 20 वनडे खेलकर भी एक भी अर्धशतक नहीं बना सका था. यही कारण था, कि जब भारत-ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज शुरू हुई तो भारतीय प्रशंसकों की नजरें एमएस धोनी पर ही लगी थीं. सब जानना चाहते थे कि धोनी फॉर्म में लौटेंगे या नहीं. करीब साढ़े चार महीने बाद वर्ल्ड कप होना है. ऐसे में धोनी के इस खेल ने प्रशंसकों की उम्मीदें दोगुनी कर दी हैं. 

यह भी पढ़ें: विराट कोहली बोले, 'लोग तो बहुत कुछ कहते हैं, लेकिन धोनी जैसा कोई नहीं'

37 साल के एमएस धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीनों मैचों में अर्धशतक लगाए. इतना ही नहीं वे सीरीज के दो मैच में नॉटआउट रहे. धोनी के इस सीरीज पर प्रभाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वे सीरीज में सिर्फ एक मैच में आउट हुए और वही मैच भारत हार गया. वे जिन दो मैचों में नॉटआउट रहे, उन दोनों में ही भारत ने जीत दर्ज की. वे वनडे सीरीज में भारत की ओर से सबसे अधिक 193 रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे. उन्हें मैन ऑफ द सीरीज चुना गया. 

46 महीने बाद लगाया आखिरी ओवर में छक्का 
एमएस धोनी सिर्फ दो मैचों में नॉटआउट ही नहीं रहे, बल्कि उनके खेलने का पुराना अंदाज भी लौट आया है. धोनी ने सभी मैचों में अपनी चिरपरिचित शैली में धीमी शुरुआत की. वे बीच के ओवरों में धीरे खेलते रहे और आखिर में तेज खेलकर इसकी भरपाई की. आपको याद होगा कि धोनी ने दूसरे वनडे के आखिरी ओवर में छक्का लगाया था. यह 46 महीने में पहला मौका था, जब धोनी ने लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी ओवर में छक्का जमाया. यह भी संकेत है कि वे वर्ल्ड कप से पहले रंग में लौट आए हैं. 

यह भी पढ़ें: रणजी ट्रॉफी: मनीष पांडे और करुण नायर की शानदार पारियों से जीता कर्नाटक, सेमीफाइनल में पहुंचा​

4 साल बाद लगाई लगातार 3 फिफ्टी
एमएस धोनी ने शुक्रवार (18 जनवरी) को खेले गए तीसरे वनडे में 87* रन बनाए. यह सीरीज में उनकी लगातार तीसरी फिफ्टी है. धोनी ने इससे पहले साल 2014 में लगातार तीन फिफ्टी लगाई. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने जब पिछली बार लगातार तीन फिफ्टी लगाई थी, तब अगले विश्वकप (2015) में महज सात महीने बाकी थे. और इसी तरह उन्होंने जब अब लगातार 3 फिफ्टी लगाई है, तब अगले विश्व कप में करीब पांच महीने बाकी हैं. 

नंबर-4 की समस्या को सुलझा रहे हैं धोनी
भारतीय टीम प्रबंधन विश्व कप की अपनी टीम के लिए नंबर-4 पर अंबाती रायडू को देख रहा है. इस बारे में कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री बार-बार कह चुके हैं कि रायडू नंबर-4 पर फिट हैं. हालांकि, रोहित शर्मा ने पहले वनडे के बाद कहा था कि धोनी नंबर-4 के लिए फिट हैं. उन्होंने साथ ही कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है, टीम प्रबंधन ऐसा नहीं सोचता. बहरहाल, धोनी तीसरे वनडे में चौथे नंबर पर उतरे और 87 रन की नाबाद पारी खेलकर यह जता दिया कि वे किसी भी भूमिका के लिए तैयार हैं. 

Zee News App: पाएँ हिंदी में ताज़ा समाचार, देश-दुनिया की खबरें, फिल्म, बिज़नेस अपडेट्स, खेल की दुनिया की हलचल, देखें लाइव न्यूज़ और धर्म-कर्म से जुड़ी खबरें, आदि.अभी डाउनलोड करें ज़ी न्यूज़ ऐप.