भारत के इस दिग्गज बल्लेबाज ने कहा, 'ब्रेट ली की तेज गेंदों ने मेरा करियर तबाह कर दिया'

घरेलू क्रिकेट में रिकॉर्ड की झड़ी लगाने वाले वसीम जाफर आज भी अपने 11 साल पुराने ऑस्ट्रेलिया दौरे की बुरी यादों को नहीं भूले हैं. 

भारत के इस दिग्गज बल्लेबाज ने कहा, 'ब्रेट ली की तेज गेंदों ने मेरा करियर तबाह कर दिया'
वसीम जाफर हाल ही में रणजी ट्रॉफी जीतने वाली विदर्भ टीम का हिस्सा हैं...

नई दिल्ली: घरेलू क्रिकेट में रिकॉर्ड की झड़ी लगाने वाले वसीम जाफर आज भी अपने 11 साल पुराने ऑस्ट्रेलिया दौरे की बुरी यादों को नहीं भूले हैं. वह कहते हैं कि 2008 में जब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया गई, तब ब्रेट ली की तेज गेदों को वह बखूबी नहीं खेल पाए. नतीजतन उनका अंतरराष्ट्रीय करियर बर्बाद हो गया. जाफर ने ये बातें हाल ही में एक इंटरव्यू में कहीं.

उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "मैं यह स्वीकार करता हूं कि मुझे ब्रेट ली की गेंदों से दिक्कत थी. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं उससे कैसे निपटूं लेकिन मैं बहुत परेशान था. परेशान इसलिए था क्योंकि मैं उस सीरीज में बहुत अच्छा नहीं कर रहा था." 

विदेशी धरती पर जाफर के करियर की शुरुआत ठीकठाक ही रही. 2006 में वेस्टइंडीज में दोहरा शतक लगाया. दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में भी अच्छे रन बनाए. घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाया. लेकिन 2008 के ऑस्ट्रेलियाई दौरे के खराब प्रदर्शन ने उनका भारत के लिए फिर खेलने का सपना छीन लिया. 

wasim jaffer

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जाफर ने कहा, "आज जब मैं वापस इस दौरे के बारे में सोचता हूं तो मुझे लगता है कि मेरा मन अशांत हो गया था लेकिन यह स्थिति बहुत ज्यादा समय तक नहीं रही. मैंने कठिन मेहनत की लेकिन चीजें फिर से उस तरह नहीं हुईं, जैसा मैं चाहता था. जैसा कि मैं पहले कह चुका हूं, यह अल्लाह की मर्जी थी. आपको उतना ही मिलता है, जितने के आप हकदार होते हैं. इससे ज्यादा कुछ नहीं मिलता."

घरेलू क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज जाफर ने कहा, "ऊपर वाला चींटी को चींटी के हिसाब से खाना देता है, हाथी को हाथी के हिसाब से; आपको जो मिले, उसमें संतोष करना चाहिए. मुझे लगता है कि इसमें भाग्य का खेल होता है. आप जिसके हकदार हैं, वही मिलता है. मुझे इस बात का मलाल नहीं कि मैं टीम इंडिया के लिए बहुत ज्यादा नहीं खेल पाया. शायद अल्लाह ने मुझे इससे कहीं ज्यादा दिया है. वो दिया तो सोच के दिया होगा."

वसीम जाफर को भारतीय क्रिकेट का 'मिस्टर क्रिकेट' कहा जा सकता है. दस बार रणजी चैंपियन रही टीम का वह हिस्सा रहे हैं. रणजी के इतिहास में सबसे ज्यादा रन उनके बल्ले से निकले हैं. दलीप ट्रॉफी और ईरानी ट्रॉफी में भी उन्होंने खूब रन बनाए हैं. यहां तक कि सीमित ओवर के टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में भी उनके बल्ले से जमकर रन बरसे हैं. घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने के अलावा, वह इंग्लैंड की लीग क्रिकेट में 20 वर्ष से खेल रहे हैं. इस बार के रणजी सीजन में उन्होंने 1000 से ज्यादा रन बनाए हैं.

वसीम जाफर के अंतरराष्ट्रीय करियर पर नजर डालें तो उन्होंने 31 टेस्ट मैच की 58 पारियों में 34.11 की औसत से कुल 1944 से रन बनाए हैं. जाफर को वनडे में खेलने का मौका बहुत कम मिला. सिर्फ दो वनडे में उन्हें टीम इंडिया की ओर से खेलने का मौका मिला जिसमें उन्होंने कुल 10 रन बनाए. जाफर को आईपीएल में बहुत ज्यादा मौके नहीं मिले. 8 आईपीएल की 8 पारियों में उन्होंने कुल 130 रन बनाए हैं.