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FIFA U-17 महिला वर्ल्ड कप को लेकर भारतीय गोलकीपर अदिति का आया बयान, जानिए क्या कहा

भारतीय महिला फुटबॉल टीम की गोलकीपर अदिति चौहान का मानना है फीफा अंडर-17 महिला वर्ल्ड कप की मेजबानी से भारत को काफी फायदा होगा.

FIFA U-17 महिला वर्ल्ड कप को लेकर भारतीय गोलकीपर अदिति का आया बयान, जानिए क्या कहा
भारतीय महिला फुटबॉल टीम की गोलकीपर अदिति चौहान. (फोटो-Instagram/aditichauhan_official)

कोलकाता: भारतीय महिला फुटबॉल टीम की गोलकीपर अदिति चौहान (Aditi Chauhan) ने शुक्रवार को कहा कि अगले साल फरवरी-मार्च में फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप की मेजबानी करने से न सिर्फ देश में इस खेल को बढावा मिलेगा बल्कि महिला फुटबॉल के बारे में जागरूकता लाने में भी मदद करेगा. भारत अगले साल फरवरी-मार्च में फीफा अंडर-19 महिला वर्ल्ड की मेजबानी करेगा. इसके बाद वह 2022 में एशिया कप की मेजबानी करेगा.

 
 
 
 

 
 
 
 
 
 
 
 
 

A dreamy weekend Grateful to the whole team and management of @gokulam_kerala_fc for organizing such an incredible celebration for becoming 'CHAMPIONS OF INDIA'  . . This club is special and I am grateful to be a part of this club. They have set a precedent in India by celebrating and falicitating the women's team in the men's I-League match. I hope it motivates more I-league and ISL clubs to put up a women's team in the IWL next year and help in making the women's league more professional in India  . . . A special thank you to the fans of Gokulam FC who turned up in great number at the stadium to celebrate this achievement with us . . Can't wait to wear this club jersey again next year Go MALABARIANS  #gokulamfc #gokulam #keralafootball #indianfootball #womenfootball #shekicks #hergametoo #ShePower #malabarians

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अदिति ने एआईएफएफ टीवी पर इंस्टाग्राम लाइव चैट के दौरान कहा, " हमें इस बात की जरूरत है कि माता-पिता इस चीज को लेकर ज्यादा सतर्क रहते हैं कि आप खेलों में, खासकर फुटबॉल में क्या हासिल कर सकते हैं. ये (अंडर-17 महिला वर्ल्ड कप) बहुत से लोगों की फिक्र को दूर करेगा.

उन्होंने कहा, 'हमें न केवल ऐसे खिलाड़ी मिलेंगे जो 2022 एशियाई खेलों में देश को रिप्रेजेंट करेंगे बल्कि इससे उन माता-पिता की आंखें भी खुल जाएंगी जो अपनी बेटियों को खेलों में भेजने से पहले दो बार सोचते हैं. इसलिए, देश में जागरूकता लाने के संदर्भ में वर्ल्ड कप एक लंबा रास्ता तय करेगा.'

 

अदिति ने कहा कि युवा फुटबालरों से उन्हें अभी भी ऐसे संदेश मिलते हैं कि कुछ माता पिता अपने बच्चों को खेलों में नहीं भेजना चाहते हैं. गोलकीपर ने कहा, 'युवा फुटबॉलरों से मुझे अभी भी मैसेज मिलते हैं, जिसमें वे कहते हैं कि माता पिता फुटबॉल खेलने में सपोर्ट नहीं करते हैं. अभी भी वो कलंक है. माता-पिता सोचते हैं कि फुटबॉल खेलने से क्या होगा.'
(इनपुट-आईएएनएस)